बुलंद सोच।
असम के प्रसिद्ध नेपाली साहित्यकार, लेखक और शिक्षाविद् पुष्पधर शर्मा को नेपाली भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भाषा सेवाश्री सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। कोलकाता की प्रतिष्ठित लैंनसिंह बांदेल साहित्य और कला प्रतिष्ठान ने इस वर्ष के सम्मान के लिए शर्मा के नाम की घोषणा की है।
यह सम्मान उन्हें 23 अगस्त को कोलकाता में आयोजित होने वाले एक विशेष सम्मान समारोह में प्रदान किया जाएगा। संस्था की अध्यक्ष देविका मोक्तान और सचिव विकास कार्की की ओर से जारी एक पत्र में शर्मा को सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है।
पत्र में बताया गया है कि नेपाली भाषा और साहित्य के प्रति उनके लंबे समय से किए जा रहे उल्लेखनीय कार्य और योगदान को देखते हुए इस वर्ष भाषा सेवाश्री सम्मान के लिए उनका चयन किया गया है। संस्था की स्थापना साहित्य और कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा उनके कार्यों को सम्मान देने के उद्देश्य से की गई थी, और तब से ही ऐसे सम्मान प्रदान किए जाते रहे हैं।
असम के उदालगुड़ी निवासी पुष्पधर शर्मा शिक्षाविद् और पूर्व प्राचार्य होने के साथ-साथ नेपाली साहित्य के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ नेपाली भाषा और साहित्य के विकास, संरक्षण और संवर्धन के लिए भी लगातार काम किया है। लेखन और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने नेपाली भाषा को समृद्ध बनाने और नई पीढ़ी को अपनी भाषा तथा साहित्य से जोड़ने की दिशा में योगदान दिया है।
सम्मान की घोषणा पर पुष्पधर शर्मा ने कहा कि लैंनसिंह बांदेल साहित्य और कला प्रतिष्ठान द्वारा भाषा सेवाश्री सम्मान के लिए चुना जाना उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है। उन्होंने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है।
शर्मा ने कहा कि यह सम्मान नेपाली भाषा के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को और बढ़ाने वाला है। उन्होंने बताया, “सम्मान मिलने से खुशी होती है, लेकिन सम्मान के बाद जो जिम्मेदारी बढ़ जाती है, वह अकल्पनीय है। यह सम्मान मुझे नेपाली भाषा और साहित्य के लिए और अधिक गंभीरता तथा प्रतिबद्धता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेगा। मैं इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने की कोशिश करूंगा।”
उन्होंने आगे कहा कि असम सहित पूरे देश में नेपाली भाषा और साहित्य को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से लगातार काम हो रहा है। साहित्यकारों, लेखकों और भाषा सेवियों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाना इस क्षेत्र में काम करने वालों के लिए उत्साह बढ़ाने वाला कदम है। इससे साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलता है और नई पीढ़ी के लेखकों को अपनी भाषा में सृजन के लिए प्रेरणा मिलती है।
पूर्व प्राचार्य शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि नेपाली भाषा और साहित्य का दायरा व्यापक है और इसके संरक्षण तथा विकास के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि किसी समाज की सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान भी होती है, इसलिए नेपाली भाषा को समृद्ध बनाने के लिए लगातार रचनात्मक और साहित्यिक प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने बताया कि सम्मान की घोषणा के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से लगातार बधाई और शुभकामना संदेश मिल रहे हैं, जो उनके लिए एक भावनात्मक क्षण है। शर्मा ने कहा कि इस सम्मान ने उनकी जिम्मेदारियों को और बढ़ा दिया है और वे आने वाले समय में नेपाली भाषा और साहित्य के लिए अपनी भूमिका को और अधिक मजबूती से निभाने का प्रयास करेंगे।
23 अगस्त को कोलकाता में होने वाले सम्मान समारोह में पुष्पधर शर्मा को भाषा सेवाश्री सम्मान प्रदान किया जाएगा, जिसमें साहित्य और कला जगत से जुड़े कई लोगों के उपस्थित रहने की उम्मीद है।

