बुलंद सोच, जबलपुर।
हाई कोर्ट ने सुरखी विधानसभा क्षेत्र के विधायक गोविंद सिंह के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका चुनावी हलफनामे में संपत्ति की कथित गलत जानकारी देने और तथ्य छिपाने के आरोपों पर आधारित थी।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने यह फैसला सुनाया।
सागर जिले की सुरखी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी नीरज शर्मा ने यह याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि विधायक ने नामांकन के साथ दिए हलफनामे में चल-अचल संपत्ति की सही जानकारी नहीं दी।
युगलपीठ ने स्पष्ट किया कि चुनाव संबंधी विवादों में सीधे रिट याचिका पोषणीय नहीं है।
संविधान के अनुच्छेद 329(बी) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 80-81 के तहत चुनाव को चुनौती देने का वैधानिक माध्यम इलेक्शन पिटीशन है।
न्यायालय ने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम घोषित होने के 45 दिन के भीतर चुनाव याचिका दाखिल की जा सकती है।
ऐसे में, चुनाव आयोग को कार्रवाई के निर्देश देने के लिए रिट याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती।

