बुलंद सोच, ग्वालियर।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सोमवार को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 की रैंकिंग जारी कर दी गई है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में ग्वालियर दो पायदान लुढ़ककर 157 अंकों के साथ 30वें नंबर पर रहा। गत वर्ष ग्वालियर की रैंकिंग 28वीं थी। इस साल प्रदूषण के दिन ज्यादा रहने के कारण शहर को नुकसान उठाना पड़ा है। 30वां स्थान मिलने के कारण नगर निगम को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत मिलने वाले अनुदान में भी नुकसान होने की संभावना है। रैंकिंग गिरने की मुख्य वजह शहर के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) में सुधार नहीं होना है। इसका कारण जर्जर सड़कों पर लगातार उड़ रही धूल है। यह सर्वेक्षण इसी वर्ष मई से जून माह में हुआ था। शहर की खराब रैंकिंग की यह स्थिति तब है, जब प्रदूषण कम करने के लिए शहर में लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक के काम हो चुके हैं। इसमें सड़कों से धूल हटाने व प्रदूषण कम करने के लिए ग्रीन एरिया विकसित करने, सीसी रोड बनाने, सीएंडडी वेस्ट प्लांट लगाने, रोड स्वीपिंग मशीनें खरीदने, सोलर प्लांट लगाने, फागर मशीनें खरीदने जैसे कार्य शामिल हैं। इसके बावजूद शहर की रैंकिंग में लगातार तीसरे साल गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्ष 2024 में ग्वालियर को 26वां, 2025 में 28वां स्थान मिला था।
अन्य शहरों का प्रदर्शन
प्रदेश के अन्य तीन महानगरों ने शीर्ष पांच शहरों में अपना स्थान बनाया है। पहले नंबर पर 200 में से 198 अंक हासिल कर लखनऊ विजेता रहा। ठीक पीछे 197 अंकों के साथ इंदौर दूसरे, 195 अंकों के साथ जबलपुर तीसरे और 192 अंकों के साथ भोपाल चौथे स्थान पर रहा।

