बुलंद सोच, दिल्ली।
बेपनाह, दिल मिल गए और तुझसे है राब्ता जैसे पॉपुलर टीवी शोज में नजर आ चुके एक्टर सेहबान अजीम 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में जंतर मंतर पर हुए लाठीचार्ज में घायल हो गए। एक्टर ने मिड डे को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल होने गए थे और उनकी मुंबई से आई दो महिला दोस्त भी वहां मौजूद थीं। दो लड़कियों को लाठीचार्ज से बचाते हुए एक्टर के हाथ और शरीर के कई हिस्सों पर लाठी पड़ गई और उनका हाथ सूज गया। सेहबान अजीम ने कहा कि पुलिस ने उनके हाथ, पैरों और शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी कई बार लाठियां मारीं।
एक्टर ने दावा किया कि पुलिस जानबूझकर लाठियां चला रही थी और उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं थी कि वे किस पर लाठी चला रहे हैं, वहां बच्चे और महिलाएं भी थीं। उन्होंने आगे कहा कि वे जंतर-मंतर के अंदर तक भी नहीं पहुंच पाए, जहां असल में प्रदर्शन हो रहा था, पुलिस ने चारों तरफ बैरिकेडिंग कर रखी थी और उन्हें बीच में घेर कर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। अभिनेता ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह सुनियोजित लग रही थी और उसका मकसद बलपूर्वक भीड़ को वहां से हटाना था। सेहबान ने कहा कि उन्हें लगा कि यह लाठीचार्ज जानबूझकर किया गया था और पुलिस बस चाहती थी कि सभी वहां से चले जाएं।

सेहबान अजीम ने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल कई लोग घायल हुए और पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से पीटा, जिससे कई लोगों के शरीर से खून बह रहा था। उन्होंने कहा कि ये युवा छात्र वहीं डटे रहे और उन्होंने यह मार झेली। सेहबान अजीम के साथ प्रोटेस्ट में शामिल हुईं दोस्तों ने उनके वीडियो भी पोस्ट किए हैं, जिसमें वो लगातार इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं और उनकी दोस्त ने लिखा है कि लाठीचार्ज के समय एक्टर अपनी दो दोस्तों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। सेहबान अजीम दिल मिल गए, एक हजारों में मेरी बहना है, हमसफर्स, थपकी प्यार की, बेपनाह और तुझसे है राब्ता जैसे शोज का हिस्सा रहे हैं और आखिरी बार स्पाय बहू टीवी शो में देखा गया था। वह टाइम्स मोस्ट डिजायरेबल मैन की लिस्ट में लगातार तीन सालों तक शामिल हुए हैं।
शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ी
20 जुलाई को सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी और प्रकाश राज जैसे बड़े चेहरे भी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे। इस दौरान शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ गई। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया है कि आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से उन्हें अस्थमा अटैक आया और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई। उनका पंप उनके पास था और पास की बिल्डिंग में ले जाकर उन्हें शुरुआती उपचार दिया गया। कुछ देर बाद तबीयत ठीक होने पर उन्होंने दोबारा प्रोटेस्ट जॉइन किया। बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के न आने पर सवाल पूछे जाने पर शबाना आजमी ने कहा कि लोग सिर्फ फिल्मी सितारों की अनुपस्थिति पर बात करते हैं और कोई भी बड़े बिजनेसमैन या उद्योगपतियों के शामिल न होने पर सवाल नहीं उठाता। उन्होंने कहा कि ऐसे सवाल पूछकर मुख्य मुद्दे को भटकाया जाता है और गैर-जरूरी विवाद खड़ा किया जाता है।

कलाकारों की प्रतिक्रियाएं
दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि आज जो हुआ, बहुत गलत हुआ और छात्रों के साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए था। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे छात्रों की मांगें सुनें और कहा कि लोगों की आवाज ही भगवान की आवाज होती है। दिलजीत दोसांझ ने कहा कि उन्हें पहले भी कई बार ‘एंटी-नेशनल’ कहा गया है और अब भी शायद उन्हें यही कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन के बाद उन्हें काफी विरोध और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिनके बारे में वे खुलकर बात भी नहीं कर सकते।
सोमवार को कंगना रनोट ने कहा था कि मुद्दों पर चर्चा करने के लिए संसद सही जगह है, न कि सड़कें। उन्होंने कहा कि जनता ने एक सरकार चुनी है और सरकार चलाने का फैसला उसी का होना चाहिए। कंगना रनोट ने कहा कि ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं और उत्पात मचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है और प्रदर्शन के जरिए सरकार को यह तय करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता कि किसे पद पर रखना है और किसे हटाना है।

बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने भी न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में इस प्रदर्शन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आंदोलन से कुछ हासिल नहीं होने वाला है और मोदी सरकार देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। हेमा मालिनी ने कहा कि इस मामले को बातचीत से हल किया जाना चाहिए और इसमें शामिल छात्रों को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
आंदोलन का समर्थन करने वाले अन्य कलाकार
जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में शबाना आजमी और प्रकाश राज के अलावा कुणाल कामरा और स्वरा भास्कर भी जमीनी स्तर पर शामिल हुए हैं। वहीं सोनी राजदान, जीनत अमान, अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, ओमी वैद्य और सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुहिम का समर्थन किया है। गीतकार जावेद अख्तर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखकर इस मामले पर बातचीत शुरू करने की मांग की है। इनके अलावा विशाल ददलानी, दीया मिर्जा और फिल्म मेकर ओनिर ने भी प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जताई है।

