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2026-07-29

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जुलाई को उज्जैन में गीता भवन ऑडिटोरियम का लोकार्पण करेंगे

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उज्जैन।

देवास रोड स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय परिसर में उज्जैन का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक गीता भवन लगभग बनकर तैयार है। यह भवन शहर को धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजनों के लिए एक नया अंतरराष्ट्रीय स्तर का केंद्र प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार, 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इसका लोकार्पण करेंगे और इसे आमजन को समर्पित करेंगे।

भवन की मुख्य विशेषताएं

पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित यह भवन 5.1 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 34.84 करोड़ रुपए की लागत से बना है। संगीत महाविद्यालय के पास स्थित यह ढाई मंजिला भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस है। ऑडिटोरियम में 1250 लोगों के बैठने की व्यवस्था है और यह वातानुकूलित है, जो इसे शहर का सबसे बड़ा ऑडिटोरियम बनाता है। इसमें ग्रीन रूम, मल्टीपरपज हॉल, प्रशासनिक कक्ष, लिफ्ट, ई-लाइब्रेरी और 4 अतिरिक्त कक्ष जैसी अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। इसे धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

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निर्माण कार्य और प्रगति

मुख्यमंत्री ने 18 मार्च को इस भवन का भूमिपूजन किया था। वर्तमान में ऑडिटोरियम में कुर्सियां लगाने, मुख्य प्रवेश द्वार पर पत्थर लगाने, मंच निर्माण और फर्श का काम तेजी से किया जा रहा है। अंतिम फिनिशिंग का काम चल रहा है, जिसमें 100 से ज्यादा कारीगर दिन-रात काम में जुटे हैं।

गुरु पूर्णिमा पर होगा भव्य आयोजन

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गीता भवन में राज्य स्तरीय महर्षि सांदीपन गुरु पर्व समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू होगा, जिसमें शिक्षा, खेल और संस्कृति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और 50 से अधिक वरिष्ठ आचार्यों का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज की अध्यक्षता में कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

कलेक्टर ने दिए निर्देश

शनिवार को कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने गीता भवन का निरीक्षण किया और निर्माण एजेंसी से प्रगति रिपोर्ट ली। निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने चार बड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शेष सभी कार्य 29 जुलाई से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं। मुख्य द्वार पर पत्थर, मंच निर्माण, ऑडिटोरियम में कुर्सियों की स्थापना और फिनिशिंग कार्य गुणवत्ता के साथ हों। बैठक व्यवस्था, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, बैरिकेडिंग और सुरक्षा के इंतजाम समय पर पूरे हों। साथ ही, अतिथियों को पूर्व सूचना और कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर काम करें।

भविष्य की संभावनाएं

गीता भवन के शुरू होने से उज्जैन में बड़े सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए एक नया मंच तैयार हो जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, भविष्य में यहां राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार, संगीत कार्यक्रम और धार्मिक आयोजन भी होंगे।