बुलंद सोच, उज्जैन।

देवास रोड पर स्थित हाउसिंग बोर्ड की 15 साल पुरानी हरसिद्धि विहार कॉलोनी के रहवासी बदहाली का जीवन जी रहे हैं।
समस्या निवारण शिविर को एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी हाउसिंग बोर्ड ने न तो कॉलोनी में सफाई कराई, न सड़कें बनाईं और न ही इसे नगर निगम को हैंडओवर किया।

इसका परिणाम यह हुआ कि बारिश आते ही पूरी कॉलोनी पानी में डूब गई, जिससे रहवासियों का जीना मुश्किल हो गया है।
कॉलोनी की सड़कें पूरी तरह से उखड़ चुकी हैं और बेरोकटोक चल रहे डंपरों ने बची हुई सड़कों को भी तोड़ दिया है।

सबसे बड़ा खतरा पास की मंगलसिटी और महाकाल एवेन्यू के सीवरेज का गंदा पानी है, जो सीधे हरसिद्धि विहार कॉलोनी में घुस रहा है।
इससे अब क्षेत्रवासियों को बोरवेल में भी सीवर का पानी पहुंचने का डर सता रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने 15 साल पहले लाखों रुपये देकर प्लॉट लिए थे, लेकिन अब वही घर घाटे का सौदा लग रहे हैं।
रहवासियों के अनुसार, हाउसिंग बोर्ड टैक्स के नाम पर मोटी रकम वसूल रहा है, परंतु सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं दे रहा है। आज भी वे सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि सफाई न होने के कारण हालात और भी बिगड़ गए हैं; कॉलोनी में दर्जनों मकान खाली पड़े हैं जो अब खंडहर में बदल चुके हैं।
झाड़ियों और खाली प्लॉटों में शरारती तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, साथ ही जंगली जानवरों का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश के मौसम में सांप-बिच्छू घरों तक पहुंच रहे हैं।
नगर निगम को हैंडओवर करने की मांग
हरसिद्धि विहार विकास समिति की अध्यक्ष नीतू गुप्ता ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने शिविर में अपनी समस्या बताई थी और हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन ने हैंडओवर का आश्वासन भी दिया था।
गुप्ता ने आगे कहा कि एक महीने से अधिक समय बीत गया है, लेकिन फाइलें अभी भी धूल खा रही हैं। उन्होंने बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं प्राप्त करने के लिए कॉलोनी को तुरंत नगर निगम को हैंडओवर करने की मांग की।
हाउसिंग बोर्ड का जवाब
हाउसिंग बोर्ड के ईई एनके गुप्ता ने बताया कि निगम की टीम कॉलोनी का दौरा कर एस्टीमेट दे चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे भी जल्द से जल्द हैंडओवर चाहते हैं और कई बार निगम अधिकारियों को विजिट करवा चुके हैं।
गुप्ता के अनुसार, कुछ तकनीकी परेशानियां आ रही हैं, जिन्हें सुलझाने का काम जारी है।

