BREAKING NEWS

‘लव जिहाद’ फंडिंग का आरोपी कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार, बेटी आयशा पहले ही दिल्ली से पकड़ी जा चुकी

bulandsochnews Senior News Reporter

हिंदू लड़कियों को फंसाने और निकाह के बदले मुस्लिम युवकों को मोटी रकम देने का आरोप; सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत की तैयारी कर रही बेटी को पुलिस ने पहले ही हिरासत में लिया था। आरोपी के खिलाफ पहले भी कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

बुलंद सोच न्यूज़ डेस्क | इंदौर | 30 जुलाई 2025

मध्यप्रदेश के इंदौर से कांग्रेस पार्षद और ‘लव जिहाद’ फंडिंग का आरोपी अनवर कादरी को पुलिस ने जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया है। श्रीनगर पुलिस की मदद से की गई इस गिरफ्तारी की फिलहाल इंदौर पुलिस ने अधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारी संकेत दे रहे हैं कि जल्द ही मामले में और गिरफ्तारियां होंगी।

Advertisement

पुलिस के अनुसार, कादरी पर आरोप है कि वह मुस्लिम युवकों को हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाने के लिए 1 लाख और निकाह के बदले 2 लाख रुपये तक की फंडिंग करता था। यह मामला तब सामने आया जब रेप और धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार साहिल शेख और अल्ताफ ने पूछताछ में अनवर का नाम लिया था।

बेटी आयशा दिल्ली से हुई गिरफ्तार
इससे पहले सोमवार को पुलिस ने अनवर की बेटी आयशा को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। आयशा सुप्रीम कोर्ट में अपने पिता के लिए अग्रिम जमानत की तैयारी कर रही थी और दस्तावेजों पर अनवर के हस्ताक्षर भी पाए गए थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि अनवर दिल्ली में आयशा के पास छिपा हुआ है।

आयशा खुद वकील है और दिल्ली में रहकर सिविल जज बनने की पढ़ाई कर रही थी। पुलिस के अनुसार, आयशा के मोबाइल से कोई आपत्तिजनक बातचीत नहीं मिली, लेकिन उसके रिमांड को 3 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।

विरोध प्रदर्शन और परिवार का आरोप
आयशा की गिरफ्तारी से पहले क्राइम ब्रांच ऑफिस के बाहर कई महिलाओं ने प्रदर्शन किया था। उनका आरोप था कि पुलिस अनवर को नहीं पकड़ पा रही, इसलिए परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। परिवार का कहना है कि आयशा की गिरफ्तारी पूरी तरह गैरकानूनी है क्योंकि वह केवल जमानत की प्रक्रिया में लगी थी।

सोशल मीडिया से शिकार, फर्जी नामों से पहचान
जांच में सामने आया है कि आरोपी युवक फर्जी हिंदू नामों जैसे ‘अर्जुन’ और ‘राज’ से सोशल मीडिया पर लड़कियों से दोस्ती करते थे। फिर बहलाकर उन्हें मिलने बुलाया जाता था और बाद में शादी व धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता था। पुलिस को वीडियो और डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं।

बैंक अकाउंट्स और व्यवसायिक साझेदार जांच के घेरे में
पुलिस ने जांच में पाया है कि अनवर के नाम से जम्मू-कश्मीर के पुंछ में अवैध तरीके से आर्म्स लाइसेंस जारी किया गया था, जिसे अब सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही तीन बैंक खाते, एक मछली पालन फर्म और कुछ व्यवसायिक साझेदारों की जानकारी भी सामने आई है। इस पूरे नेटवर्क को संगठित आपराधिक रैकेट माना जा रहा है।

अनवर कादरी का आपराधिक इतिहास

  • 2009: आजाद नगर में जानलेवा हमले का दोषी पाया गया और 2011 में 1 साल की सजा सुनाई गई।
  • 1996: उज्जैन में डकैती के मामले में केस दर्ज, तभी से ‘अनवर डकैत’ के नाम से बदनाम।
  • 2022: नगर निगम चुनाव में फर्जी वोट डलवाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप।
  • 2025: ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगने पर दर्ज हुआ देशद्रोह का केस, जेल भी जाना पड़ा।
  • 2024: पत्रकार जावेद खान के घर में घुसकर बंदूक से धमकाने और मारपीट करने का केस।

राजनीतिक सफर और रसूख
अनवर कादरी कांग्रेस से तीन बार पार्षद रह चुका है और उसकी पत्नी भी दो बार पार्षद रह चुकी है। वह प्रमोद टंडन के कार्यकाल में इंदौर शहर कांग्रेस का महामंत्री भी रह चुका है। उसने एक बार निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था।

आगे क्या?
पुलिस को इस पूरे मामले में संगठित नेटवर्क की साजिश का शक है। जल्द ही और नाम सामने आने की संभावना है। इस केस ने न केवल इंदौर, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में राजनीति और समाज के स्तर पर बड़ी हलचल मचा दी है।