बुलंद सोच, भोपाल।

भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंगलवार को न्यू कबाड़खाना स्थित अमोल डेयरी पर कार्रवाई की। विभाग ने डेयरी से दूध और पनीर के नमूने लिए।
निरीक्षण के दौरान डेयरी में एक ही दूध से घी, पनीर, मावा और दही सहित कई उत्पाद तैयार किए जा रहे थे। इस प्रक्रिया में दूध एवं उत्पादों की गुणवत्ता से जुड़े कुछ बिंदुओं पर संदेह उत्पन्न हुआ।
विभागीय टीम ने मिक्स दूध और पनीर के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
डेयरी संचालक ने टीम को बताया कि प्रतिष्ठान के लिए दूध देवास स्थित पालीवाल सीलिंग प्लांट से प्राप्त होता है। संचालक के अनुसार, अनु प्लांट से दूध की जांच के बाद ही वह डेयरी तक पहुंचाया जाता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने बताया कि फिलहाल नमूनों की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। रिपोर्ट में दूध या पनीर निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता या किसी तरह की मिलावट सामने आती है तो संबंधित संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नन्हे चाचा डेयरी पर पूर्व कार्रवाई
हाल ही में खाद्य विश्लेषक की जांच रिपोर्ट में नन्हे चाचा डेरी के मिक्स दूध के नमूने को ‘असुरक्षित’ घोषित किया गया था।
27 जुलाई को लिए गए इस नमूने की चार अगस्त को आई रिपोर्ट में डिटर्जेंट की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी।
इसके बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नन्हे चाचा डेरी का खाद्य पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
बताया गया कि इस डेयरी में सीहोर के श्यामपुर क्षेत्र से रोज बड़ी मात्रा में दूध आता था, और संचालक प्रतिदिन 200 से 300 लीटर दूध ग्राहकों को बेचता था।

