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बालाघाट विधायक मुंजारे ने बूढ़ी शराब दुकान हटाने की मांग की, कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, बालाघाट।

बालाघाट कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई सामान्य दिनों से अलग रही। बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे एक जनसेवक के रूप में मंच पर कलेक्टर और जनता के बीच उपस्थित हुईं। उन्होंने स्वयं लाइन में लगकर फरियादियों के साथ अपनी बात रखी।

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बूढ़ी शराब दुकान का मामला

विधायक ने कलेक्टर को बताया कि बूढ़ी की शराब दुकान 114 दिनों से नहीं हटी है। महिलाएं अपना काम-धंधा छोड़कर धरने पर बैठी हैं। वे अपने बच्चों का भविष्य बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।

पूर्व प्रयासों और शिकायतों का विवरण

जनसुनवाई में विधायक ने कलेक्टर को जानकारी दी कि अप्रैल में शराब दुकानों के नए आवंटन के समय मोतीनगर, भटेरा और बूढ़ी की दुकानों को हटाने के लिए बड़ा आंदोलन हुआ था। इस दौरान महिलाएं अपने घर-परिवार और काम-धंधा छोड़कर सड़क पर बैठी थीं। दबाव के बाद मोतीनगर और भटेरा की दुकानें हटा दी गईं, लेकिन बूढ़ी की दुकान आज भी उसी स्थान पर संचालित हो रही है। बूढ़ी की महिलाएं पिछले 114 दिनों से अपने घर-परिवार और काम-धंधा छोड़कर सड़क पर बैठी हैं। उनका एक ही कहना है कि बच्चों का भविष्य बचाना है और मोहल्ले का माहौल सुधारना है। विधायक ने बताया कि अभी तक दुकान हटाने की कोई ठोस प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, बल्कि जबरदस्ती शराब बिक्री कराने के प्रयास हो रहे हैं। महिलाओं के पास इसके वीडियो और फोटो सबूत भी उपलब्ध हैं।

विधायक ने यह भी बताया कि पूर्व कलेक्टर मृणाल मीना से भी इस संबंध में कई बार चर्चा की गई थी। दुकान को कुछ समय के लिए दूसरी जगह स्थानांतरित करने की बात भी चली थी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। स्थानीय स्तर पर सांसद, नगर पालिका अध्यक्ष और सभी जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर एकजुट हैं। जिले के प्रभारी मंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से भी एक बार नहीं, दो बार लिखित शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद दुकान नहीं हटाई गई।

नवागत कलेक्टर का हस्तक्षेप

अब महिलाएं रोजी-रोटी छोड़कर धरना देने को मजबूर हैं। विधायक ने नवागत कलेक्टर से उम्मीद जताई कि उनके कार्यकाल में यह लंबित समस्या हल होगी। उन्होंने कलेक्टर से अनुरोध किया, “आपसे आस है सर, कृपया इस दुकान को तुरंत हटवाएं ताकि बूढ़ी का माहौल ठीक हो सके।” विधायक की बात सुनने के बाद कलेक्टर कुमार सत्यम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बूढ़ी शराब दुकान के मामले की फाइल तत्काल मंगाकर स्थिति की समीक्षा की जाए। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे स्थानों पर शराब दुकानें नहीं रहनी चाहिए जहां स्थानीय लोग विरोध कर रहे हों, ताकि शासन की मंशा और ‘नशे से दूरी’ अभियान सफल हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि महिलाओं के धरने और जनप्रतिनिधियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए काम किया जाए।

विधायक मुंजारे का वक्तव्य

जनसुनवाई के अंत में विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा, “मैं आज यहां विधायक नहीं, एक आम नागरिक और जनसेवक बनकर आई हूं।” उन्होंने आगे कहा कि जब तक बूढ़ी की बहनें धरने पर हैं, तब तक चैन से नहीं बैठा जा सकता। विधायक ने जोर देकर कहा कि ‘नशे से दूरी’ का नारा तभी सार्थक होगा जब हम पहले अपने घर-मोहल्ले से नशे को दूर करेंगे।

प्रशासनिक प्राथमिकता

बूढ़ी की शराब दुकान का मुद्दा अब प्रशासन की प्राथमिकता में आ गया है।