BREAKING NEWS
2026-08-14

भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव: भारतीय किसान की रिहाई के लिए बांग्लादेशी नागरिक की रिहाई की शर्त

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, जलपाईगुड़ी।

पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक भारतीय किसान को कथित तौर पर जबरन सीमा पार ले जाने के बाद तनाव बढ़ गया है। यह घटना चौलहाटी सीमा गांव के तसर पाड़ा इलाके की बताई जा रही है। 35 वर्षीय दीपांकर गोप अपने छह बीघा के चाय बागान में कीटनाशक का छिड़काव करने गए थे और उस समय अकेले काम कर रहे थे। आरोप है कि करीब 20 बांग्लादेशी बदमाश भारतीय सीमा में घुसे, उन्हें घेर लिया और बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले में ले गए। यह घटना पिछले शनिवार की बताई गई है।

बीएसएफ और बीजीबी की बैठक बेनतीजा

भारतीय किसान की सुरक्षित वापसी के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बांग्लादेश के बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) से संपर्क किया। दोनों पक्षों के बीच फ्लैग बैठक भी हुई, लेकिन इसके बावजूद भारतीय किसान को वापस नहीं लाया जा सका। जलपाईगुड़ी की पुलिस अधीक्षक सुजाता कुमारी वीणापानी ने घटना की पुष्टि की है।

Advertisement

रिहाई के लिए नई शर्त

मामले में एक नया पेंच सामने आया है। बांग्लादेश की ओर से दीपांकर की रिहाई को भारत में पकड़े गए अपने एक नागरिक की रिहाई से जोड़ने की बात सामने आई है। इससे दोनों देशों की सीमा पर तनाव और बढ़ गया है।

पिता का आरोप और बांग्लादेशी नागरिक का विवरण

दीपांकर के पिता मिश्री लाल ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को तभी छोड़ा जाएगा, जब भारत में पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक तमीज उद्दीन को रिहा किया जाएगा। तमीज उद्दीन को कुछ दिन पहले चौलहाटी सीमा के पास कंटीली तार काटकर भारत में घुसने की कोशिश करने के आरोप में बीएसएफ ने पकड़ा था। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले किया गया था। इसी मामले को अब दीपांकर की रिहाई से जोड़ दिया गया है।

दीपांकर बांग्लादेशी पुलिस हिरासत में

फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार, दीपांकर बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले की पुलिस की हिरासत में हैं और उन पर अवैध रूप से सीमा पार करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में दीपांकर का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें तमीज उद्दीन की रिहाई के बदले ही छोड़ा जाएगा। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए वीडियो में कही गई बात को लेकर सावधानी जरूरी है।

मामले का पेचीदा होना और आगे की राह

एक तरफ भारतीय सुरक्षा बल किसान की वापसी के लिए प्रयास कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ बांग्लादेश की ओर से अपने नागरिक की रिहाई की शर्त सामने आने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। भारत और बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बलों के बीच फ्लैग बैठक के बावजूद समाधान नहीं निकलना चिंता बढ़ाने वाला पहलू है। फिलहाल दीपांकर की सुरक्षित वापसी सबसे अहम मुद्दा है। इसके साथ ही तमीज उद्दीन से जुड़े मामले और सीमा पार हुई पूरी घटना की स्थिति भी स्पष्ट होना जरूरी है। अब नजर इस बात पर है कि दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को किस तरह सुलझाती हैं।