बुलंद सोच, भोपाल।
भोपाल के कटारा हिल्स स्थित विवेकानंद कॉलोनी में दो बच्चियों के कथित अपहरण का मामला पुलिस जांच में झूठा साबित हुआ। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने करीब 18 घंटे तक जंगल, खेत और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान कोई भी संदिग्ध सुराग नहीं मिला।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों बच्चियां एक ही स्कूल की छठवीं कक्षा की छात्राएं हैं। शुक्रवार को स्कूल के बाद वे विवेकानंद नगर में रहने वाली एक बच्ची के घर डांस रिहर्सल के लिए पहुंची थीं। इसके बाद वे खेलने के बहाने घर से निकलकर पास स्थित ईकोलॉजिकल पार्क चली गईं, जहां उन्होंने करीब दो से ढाई घंटे बिताए।
घर लौटने में देर होने की वजह से बच्ची की मां ने उसे थप्पड़ मारा और डांटा। पिटाई के डर से दोनों बच्चियों ने मिलकर नकाबपोश लोगों द्वारा अपहरण कर जंगल ले जाने की झूठी कहानी बना दी।
सूचना मिलते ही कटारा हिल्स पुलिस ने जंगल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाश शुरू की। चरवाहों से पूछताछ की गई, लेकिन उन्होंने ऐसी किसी घटना से साफ इन्कार कर दिया। वहीं, कॉलोनी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में भी कोई संदिग्ध व्यक्ति या महिला दिखाई नहीं दी।
मामला संदिग्ध लगने पर एडिशनल डीसीपी मिनी शुक्ला ने बच्चियों के माता-पिता से पूछताछ की। इस दौरान पूरा घटनाक्रम सामने आया और स्पष्ट हुआ कि कथित अपहरण की कहानी मां की डांट और पिटाई के डर से गढ़ी गई थी।

