बुलंद सोच, भोपाल।
भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने के आसपास की बस्तियों में दूषित पेयजल आपूर्ति का मामला गहराता जा रहा है। गैस पीड़ित संगठनों द्वारा पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट में दूषित पानी का खुलासा किया गया था। इसके बाद नगर निगम ने शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति का दावा किया था।
हालांकि, ‘नवदुनिया’ की टीम द्वारा ब्लूमून कॉलोनी में किए गए धरातलीय निरीक्षण में नगर निगम के दावों की सच्चाई सामने आ गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पीने के पानी की पाइप लाइनें गंदगी और नालियों के बीच दबी हुई हैं।
दूषित पानी पीने के कारण क्षेत्र के लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इस स्थिति के बावजूद, नगर निगम का अमला झांकने तक नहीं पहुंचता।
गैस पीड़ित संगठनों की रिपोर्ट में जिन इलाकों के पानी के सैंपल में ‘फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया’ (मल जनित जीवाणु) पाए गए थे, उनमें ब्लूमून कॉलोनी प्रमुखता से शामिल है।
स्थानीय निवासी नईम खान ने एक वीडियो दिखाते हुए बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले पाइप लाइन से केवल गंदा और पीला पानी ही नहीं आ रहा था, बल्कि उसमें से एक मरा हुआ चूहा भी निकला था, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
किराना व्यवसायी जुबैर खान के अनुसार, बिजली कंपनी द्वारा अंडरग्राउंड केबल बिछाने के लिए की गई खोदाई के दौरान पेयजल की पाइप लाइनें कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गईं।
क्षेत्र में सीवेज नेटवर्क न होने के कारण नालियों का गंदा पानी इन टूटी लाइनों में भर जाता है और नलों के जरिए घरों तक पहुंचता है।
कॉलोनी में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि पेयजल लाइन में भारी गंदगी भरी है और नगर निगम के कर्मचारी केवल खानापूर्ति करके चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत करने पर सीएम हेल्पलाइन पर कॉल करने की बात कहते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होता।
एक अन्य व्यक्ति सलीम खान ने कहा कि नल से बहुत गंदा पानी आता है, लेकिन पीने के लिए यह उनकी मजबूरी है। सलीम खान ने आगे बताया कि दूषित पानी के कारण उनका बेटा साहिल पिछले एक हफ्ते से बीमार है और उसे टाइफाइड हो गया है।
ब्लूमून कॉलोनी के निवासियों का दावा है कि घरों के बाहर नालियां, सड़ांध और कचरे का अंबार आम नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उनकी मांग है कि जल्द से जल्द लीक हुई पेयजल लाइनों की मरम्मत की जाए, नियमित सफाई व्यवस्था हो और क्षेत्र में शुद्ध पेयजल के वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराए जाएं।

