बुलंद सोच, आलीराजपुर।
उदयगढ़ के बयड़ा ग्राम पंचायत में स्थित मुक्तिधाम में टीनशेड नहीं होने के कारण परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्षा होने पर परिजनों को शव का अंतिम संस्कार करने के लिए प्लास्टिक से ढंकना पड़ता है।
पिछले दिनों एक व्यक्ति की मौत के बाद अंतिम संस्कार के दौरान वर्षा होने लगी। इसके बाद लोगों ने चिता को प्लास्टिक से ओढ़ाया। चिता बार-बार भीगती रही, जिससे शव पूरी तरह जल नहीं पाया और अंतिम संस्कार बड़ी मुश्किल से हो पाया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह किसी भी मनुष्य के अंतिम संस्कार के लिए शर्मनाक स्थिति है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार सरपंच, ग्राम पंचायत, संबंधित अधिकारियों और क्षेत्रीय विधायक को अवगत कराया है।
इसके बावजूद आज तक श्मशान घाट पर टीनशेड या अन्य आवश्यक व्यवस्था करने का कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द व्यवस्था करने और ग्राम बयड़ा के श्मशान घाट पर पक्के शेड का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि वर्षा या अन्य मौसम में भी अंतिम संस्कार सम्मानपूर्वक और बिना किसी बाधा के हो सके।
लोगों का कहना है कि पंचायतों में लाखों रुपये का बजट दिया जाता है, लेकिन टीनशेड का निर्माण नहीं हो पाया है।
तालाब में डूबने से बालक की मौत
कल्याणपुरा थाना अंतर्गत आने वाले लोहारिया गांव के मोखड़ी फलिया में शनिवार शाम एक हृदयविदारक हादसा हो गया। यहां तीन वर्षीय मासूम बच्चे की तालाब में डूबने से मौत हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मासूम खेलते-खेलते तालाब के पास पहुंच गया और पानी में गिर गया। जब तक परिजनों और ग्रामीणों को घटना की जानकारी लगी और उसे बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है।
खरगोन में मुक्तिधाम का अभाव
खरगोन के एक गांव में मुक्तिधाम नहीं होने पर पंचायत के गेट पर अंतिम संस्कार किया गया।

