बुलंद सोच, भोपाल।
भोपाल के बहुचर्चित हत्याकांड मामले में अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने धारदार हथियार (बांके) से सिर और गर्दन पर वार कर हत्या करने के आरोपी राहुल सिलावट को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
आरोपी राहुल और मृतक राकेश लड़िया आपस में रिश्ते के भाई थे। इस मामले में शासन की ओर से लोक अभियोजक पी.एन. राजपूत ने मजबूत पैरवी की।
हत्या का मकसद और घटनाक्रम
अदालत में पेश साक्ष्यों के अनुसार, आरोपी राहुल मृतक राकेश की पत्नी रेखा से शादी करना चाहता था। इसी दुर्भावना से राहुल ने योजना बनाई और राकेश से कहा कि उसे गैस सिलेंडर व चूल्हा खरीदने चलना है।
दोनों साथ निकले, लेकिन वापसी के दौरान राहुल उसे सुनसान जगह पर शराब पीने के बहाने ले गया।
वहां राहुल ने राकेश के सामने उसकी पत्नी से शादी करने की बात रखी, जिस पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
विवाद बढ़ते ही राहुल ने बाइक में रखा बांका निकाला और राकेश के सिर व गर्दन पर ताबड़तोड़ हमले कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद राहुल ने शव को झाड़ियों में फेंक दिया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज
यह घटना 25 नवंबर 2024 की है। कोलार रोड स्थित होली क्रॉस स्कूल के पास झाड़ियों में एक अज्ञात युवक का शव मिला था, जिसके चेहरे और सिर पर गहरे घाव थे।
शुरुआती जांच में पहचान न होने पर पुलिस ने घटनास्थल के पास स्थित ‘योगी नाश्ता दुकान’ के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
फुटेज में आरोपी राहुल और राकेश आपस में विवाद करते नजर आए। इसके आधार पर पुलिस ने राहुल को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
वैज्ञानिक साक्ष्य बने आधार
अदालत ने सुनवाई के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों को बेहद अहम माना। आरोपी की निशानदेही पर जब्त बांके, उसके कपड़ों और जैकेट पर लगे खून का डीएनए मृतक राकेश के खून से पूरी तरह मेल खा गया।
जांच में यह भी साबित हुआ कि आरोपी राहुल पहले भी मृतक की पत्नी से गलत हरकत करने की कोशिश कर चुका था।
आरोपी ने बचाव में तर्क दिया था कि उसके कपड़ों पर लगा खून पुलिस की मारपीट के कारण लगा था, लेकिन अदालत ने इसे बचने के लिए गढ़ा गया मनगढ़ंत बहाना मानते हुए सिरे से खारिज कर दिया।

