बुलंद सोच, भोपाल।
भोपाल स्मार्ट सिटी की 5.36 करोड़ रुपये की स्मार्ट साइकिल और ई-बाइक परियोजना रखरखाव के अभाव के कारण बंद हो गई है। यह योजना वर्ष 2017 में शुरू की गई थी, जिसके तहत शहर में लगभग 500 स्मार्ट साइकिलें और ई-बाइक उतारी गई थीं। समय पर रखरखाव न होने के कारण इनमें से अधिकांश वाहन कबाड़ में बदल गए।
स्मार्ट सिटी ने शहर से सभी स्मार्ट साइकिल और ई-स्कूटर हटवा लिए हैं। पिछले लगभग छह माह से ये सभी वाहन आइएसबीटी स्थित गोदाम में धूल खा रहे हैं। वहीं, जिन स्थानों पर साइकिल स्टैंड बनाए गए थे, वे भी खाली पड़े हैं और कई जगहों पर साइकिल ट्रैक उखड़ चुके हैं।
परियोजना का नया स्वरूप
स्मार्ट सिटी कंपनी ने पुरानी गलतियों से सबक लेते हुए परियोजना को नए स्वरूप में शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए एक नया टेंडर जारी किया गया है।
अब पब्लिक बाइसिकल शेयरिंग सिस्टम के डिजाइन, सप्लाई, इंस्टालेशन, संचालन और रखरखाव के लिए एक नई रियायतग्राही (कन्सेशनायर) एजेंसी का चयन किया जाएगा। नई एजेंसी आधुनिक तकनीक से लैस स्मार्ट साइकिल और ई-स्कूटर उपलब्ध कराएगी। साथ ही, संचालन, रखरखाव, जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाएगा।
चार प्रमुख रूटों पर फोकस
पूर्व में शहर के कई रूटों पर स्मार्ट साइकिल सेवा शुरू की गई थी, लेकिन अपेक्षित उपयोग नहीं मिलने और संचालन लागत अधिक होने के कारण परियोजना घाटे में चली गई। नियमित रखरखाव न होने के कारण साइकिलें भी खराब होती चली गईं, जिसके बाद स्मार्ट सिटी ने उन्हें शहर से हटवा लिया था।
इन अनुभवों से सबक लेते हुए स्मार्ट सिटी ने इस बार पूरे शहर में सेवा शुरू करने के बजाय केवल चार प्रमुख रूटों को प्राथमिकता दी है।
चिह्नित किए गए रूटों में एमपी नगर से छह नंबर मार्केट, छह नंबर मार्केट से 10 नंबर मार्केट, नर्मदापुरम रोड और कोलार रोड शामिल हैं।
भोपाल स्मार्ट सिटी की सीईओ अंजू अरुण कुमार ने बताया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शुरू की गईं साइकिलें नुकसान में चल रही थीं, जिस कारण उन्हें वापस ले लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि जिन रूट्स पर प्रॉफिट हो रहा था उन्हें चिह्नित कर अब फिर से साइकिल शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। नई एजेंसी के चयन के बाद आधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट साइकिल और ई-स्कूटर उपलब्ध कराए जाएंगे।
