BREAKING NEWS
2026-08-07

भोपाल स्टेशन पर बिना आईडी कार्ड, क्यूआर कोड के वेंडर बेच रहे सामान

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

ट्रेन में यात्रा के दौरान यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खानपान उपलब्ध कराना आवश्यक है। रेलवे केवल अधिकृत वेंडरों को ही खाद्य सामग्री बेचने की अनुमति देता है, जिनकी पहचान के लिए आईडी कार्ड और क्यूआर कोड जारी किए जाते हैं। बिना पहचान के सामान बेचने वाले वेंडर यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं, और इन दिनों भोपाल स्टेशन पर इन नियमों की अनदेखी देखी जा रही है।

Advertisement

रेलवे के नियम और शिकायत प्रक्रिया

रेलवे नियमों के अनुसार, अधिकृत खानपान वेंडरों के लिए ड्यूटी के दौरान फोटोयुक्त आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य है। यात्रियों द्वारा जारी क्यूआर कोड को स्कैन कर उनकी पहचान और वैधता की पुष्टि की जा सकती है। बिना आईडी कार्ड या क्यूआर कोड के कार्य करते पाए जाने वाले वेंडरों के विरुद्ध रेलवे के वाणिज्य विभाग और आरपीएफ को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। यदि कोई यात्री ऐसे वेंडर को खाद्य सामग्री बेचते हुए पाता है, तो इसकी शिकायत तुरंत रेल मदद (139), आरपीएफ हेल्पलाइन या संबंधित स्टेशन मैनेजर से की जा सकती है।

अधिकृत वेंडर और वेंडर का दावा

आईआरसीटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि भोपाल रेलवे स्टेशन पर खानपान सेवाओं के लिए लगभग 130 अधिकृत वेंडर कार्यरत हैं। नियमों के अनुसार, बिना क्यूआर कोड और पहचान पत्र के काम करते पाए जाने वाले वेंडर के खिलाफ कार्रवाई और जुर्माना किया जा सकता है। वहीं, आरआर कंपनी के एक वेंडर ने बताया कि उसे दो दिन पहले ही ड्यूटी पर लगाया गया है, लेकिन अभी तक आईडी कार्ड नहीं मिला है।

यात्री और आईआरसीटीसी पीआरओ का पक्ष

यात्री गौरव सैन के अनुसार, स्टेशन या ट्रेन में यात्री वेंडरों से खाद्य सामग्री खरीदते समय यह मानकर चलते हैं कि वे अधिकृत हैं, परंतु बड़ी संख्या में वेंडरों के बीच असली पहचान करना मुश्किल होता है। इस संबंध में, आईआरसीटीसी के पीआरओ ए.के. सिंह ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान सभी वेंडरों के लिए क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्र पहनना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि अधिकारी प्रतिदिन इसकी जांच करते हैं ताकि केवल अधिकृत वेंडर ही यात्रियों को सेवाएँ प्रदान करें। बिना वैध क्यूआर कोड या आईडी कार्ड के कार्य करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाता है।