बुलंद सोच, भोपाल।
भोपाल में टेलीग्राम पर निवेश कर रोजाना मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक युवक और उसके दोस्तों से 7.78 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। बागसेवनिया निवासी 26 वर्षीय विष्णु शुक्ला को 6 दिसंबर 2025 को टेलीग्राम पर जॉब ऑफर का संदेश प्राप्त हुआ।
उन्हें “सिक्स टास्क ग्रुप एन396” नामक समूह में जोड़ा गया और ट्रेडिंग के नाम पर पैसा निवेश करने के लिए कहा गया।
इसके बाद विष्णु शुक्ला ने अपने साथ-साथ अपने दोस्तों हर्ष विश्वकर्मा, पिंटू पंडित, पिंटू पंडित की मां बसंती देवी और शुभम चौकसे के बैंक खातों से भी अलग-अलग तारीखों में कई यूपीआई और बैंक ट्रांजेक्शन किए।
आरोपितों ने अधिक मुनाफे का झांसा देकर कुल 7,78,500 रुपये हड़प लिए। रकम वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस ट्रांजेक्शन और संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है।
फोन हैकिंग से बैंक खातों से रकम गायब
बागसेवनिया क्षेत्र की एक महिला के मोबाइल फोन को हैक कर उनके बैंक खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
साकेत नगर में रहने वालीं रीना कचेर ने शिकायत में बताया कि 31 जुलाई 2026 को अचानक उनका फोन हैक हो गया था। उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से उनकी जानकारी और अनुमति के बिना छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए।
इनमें 10-10 हजार रुपये के चार और 5-5 हजार रुपये के दो ट्रांजेक्शन शामिल थे, जिससे कुल 50 हजार रुपये खाते से निकल गए।
पीड़िता का कहना है कि उन्होंने कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया और न ही किसी को ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी दी थी। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर उन्होंने साइबर थाने में शिकायत की।
पुलिस ट्रांजेक्शन आईडी के आधार पर आरोपितों की तलाश कर रही है।
एक अन्य घटना में, मोबाइल अपडेट के दौरान फोन हैक कर साइबर ठगों ने बागसेवनिया में रहने वाले एक युवक के बैंक खाते से 82 हजार रुपये निकाल लिए।
बागसेवनिया थाना पुलिस के अनुसार, अनु आशीष पवार (37) निवासी आदर्श नगर ने शिकायत में बताया कि 31 जुलाई को दोपहर करीब 3:30 बजे उनका मोबाइल अचानक अपडेट होने लगा।
करीब 20 मिनट तक फोन न बंद हो रहा था और न ही कोई अन्य काम कर रहा था। बाद में फोन पूरी तरह से फॉर्मेट मिला।
आवश्यक ऐप दोबारा डाउनलोड करने के बाद जब उन्होंने फोनपे से बैलेंस चेक किया तो उनके आईडीबीआई बैंक खाते से 82 हजार रुपये गायब थे।
जांच में पता चला कि उसी दौरान एक ट्रांजेक्शन के जरिए पूरी राशि दूसरे खाते में भेज दी गई थी।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ट्रांजेक्शन के तकनीकी पहलुओं और साइबर ठगों की तलाश कर रही है।

