BREAKING NEWS
2026-07-25

ग्लासगो में 23 जुलाई से 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज, लवलीना बोरगोहेन ने बॉक्सिंग में पदक सुनिश्चित किया

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्लासगो।

स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में 23 जुलाई से 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत होगी। यह आयोजन 2 अगस्त तक चलेगा, जिसमें 74 देशों के 3,000 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इन खेलों में 10 खेलों में कुल 1,168 मेडल दांव पर होंगे, जिनमें 215 गोल्ड मेडल शामिल हैं। भारत की ओर से 125 खिलाड़ी 8 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। ईएसपीएन की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं, जो कुल 13 खेल विधाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। भारत ने इन खेलों के लिए अपने 125 एथलीटों के दल की घोषणा की है, जिसमें पिछली बार की तुलना में 85 खिलाड़ी कम हैं।

Advertisement

लवलीना बोरगोहेन ने पक्का किया पदक

ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन ने 75 किलो वेट वर्ग में भारत के लिए मेडल पक्का कर लिया है। उन्हें क्वार्टरफाइनल में बाई मिला है, जिसके बाद वह सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं। अब लवलीना 31 जुलाई को सेमीफाइनल में टी.के.बी.पी. ताफाकी से भिड़ेंगी। बॉक्सिंग में सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों मुक्केबाजों को ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है, क्योंकि तीसरे स्थान के लिए अलग से मुकाबला नहीं कराया जाता है। इस कारण सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों को संयुक्त रूप से ब्रॉन्ज मेडल प्रदान किया जाता है।

कॉमनवेल्थ गेम्स का इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में हुई थी। तब इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स के नाम से जाना जाता था। पहले एडिशन में ब्रिटिश साम्राज्य से जुड़े 11 देशों के 400 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स, रोइंग, स्विमिंग और रेसलिंग जैसे खेल शामिल थे। 1930 से 1950 तक इस टूर्नामेंट को ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा गया। 1954 में इसका नाम बदलकर ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स किया गया। 1970 में यह ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स बना और 1978 से इसे कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम से जाना जाता है। इसका आयोजन हर चार साल में होता है और इसका मुख्य मकसद कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों को बड़े इंटरनेशनल मंच पर प्रतिस्पर्धा का अवसर देना है। भारत ने पहली बार 1934 में इन खेलों में हिस्सा लिया था।

इन खेलों में शामिल नहीं प्रमुख खेल

इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुल 10 खेलों में 215 मेडल इवेंट्स होंगे, जिनमें 47 पैरा-स्पोर्ट्स मेडल इवेंट्स शामिल हैं। हालांकि, क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे बड़े खेल ग्लासगो 2026 का हिस्सा नहीं हैं। यह उल्लेखनीय है कि भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे ज्यादा मेडल शूटिंग में ही जीते हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रदर्शन

भारत ने 1934 में कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू किया था और 1930, 1950, 1962 और 1986 को छोड़कर बाकी सभी एडिशन में हिस्सा लिया है। लंदन 1934 गेम्स में भारत की ओर से छह एथलीटों ने भाग लिया था। भारतीय दल ने 10 ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स और एक कुश्ती स्पर्धा में चुनौती पेश की थी। इसी एडिशन में भारत ने अपना पहला मेडल जीता था। पहलवान राशिद अनवर ने पुरुषों की 74 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पहला मेडल हासिल किया था। 1934 में डेब्यू के बाद से भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 564 मेडल जीते हैं, जिनमें 203 गोल्ड, 189 सिल्वर और 172 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नई बातें और आयोजन स्थल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन ग्लासगो के चार अलग-अलग वेन्यू पर किया जाएगा। ग्लासगो दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा, इससे पहले इसने 2014 में पहली बार इन खेलों का आयोजन किया था।

ओपनिंग सेरेमनी की जानकारी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी 23 जुलाई को होगी। यह समारोह ग्लासगो के ओवीओ हाइड्रो एरीना में भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से 2:30 बजे तक आयोजित होगा। भारत की ओर से मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन फ्लैग बियरर होंगी। इस समारोह में मशहूर ब्रिटिश सिंगर टॉम वॉकर परफॉर्म करेंगे।

मेडल्स में दिखेगी शहर की पहचान

ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल्स में मेजबान शहर की पहचान, इतिहास और समावेशिता की झलक दिखेगी। पुरस्कार विजेता आर्टिस्ट और डिजाइनर मिलित्सा मिलेनकोवा ने इन मेडल्स को डिजाइन किया है। ये मेडल ग्लासगो के लैंडमार्क्स, कोट ऑफ आर्म्स, औद्योगिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान से प्रेरित हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार मेडल्स में ब्रेल और टैक्टाइल एलिमेंट्स शामिल किए गए हैं।

इवेंट्स देखने के लिए प्लेटफॉर्म

भारत में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के टीवी चैनल पर किया जाएगा। इसके अलावा, ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। दर्शक इन खेलों का लुत्फ डीडी स्पोर्ट्स पर भी मुफ्त में उठा सकते हैं। दैनिक भास्कर एप पर भी लाइव अपडेट्स पढ़े जा सकेंगे।