बुलंद सोच, ग्वालियर।
करीब दस दिनों से तीस हजार रुपये के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर की गतिविधि ग्वालियर में बनी हुई है। तिघरा और घाटीगांव में उसकी रिश्तेदारी है, जहाँ उसका अक्सर आना-जाना रहता है। वह तिघरा के गुर्जा गांव से नौ माह की गर्भवती अंजू गुर्जर का अपहरण कर पहले से ही फरार चल रहा था।
कल्ली गुर्जर दस दिन से ग्वालियर में मौजूद था, लेकिन पुलिस खुफिया तंत्र को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह स्थिति बताती है कि पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह से विफल है। ग्वालियर से फरार होने के बाद भी वह ग्वालियर आता है और यहाँ दिनदहाड़े खुलेआम एक ट्रक पर गोलीबारी करता है। इससे स्पष्ट है कि डकैत और उसके साथियों में ग्वालियर पुलिस का कोई खौफ नहीं है।
यह गोलीबारी की वारदात रविवार को घाटीगांव हाइवे पर हुई थी, लेकिन इसकी दहशत तिघरा के गुर्जा गांव तक महसूस की जा रही है। गुर्जा गांव में कल्ली गुर्जर ने अपने साथी योगी गुर्जर के साथ अंजू का अपहरण किया था। अंजू के ससुराल वाले दहशत में हैं, क्योंकि योगी गुर्जर गैंग द्वारा उन्हें पूर्व में भी धमकाया गया था। जिसके चलते उनके घर की सुरक्षा भी बढ़ाई गई थी।
डकैत कल्ली गुर्जर की नशीली आदतें
कल्ली गुर्जर के बारे में पता लगा है कि वह नशे के लिए ‘घोड़े वाले कैप्सूल’ नामक जानवरों की दवा का सेवन करता है। यह दवा जानवरों के न्यूरोपैथिक दर्द में दी जाती है। पुलिस को यह भी पता चला है कि वह इस कैप्सूल के साथ इंजेक्शन का भी इस्तेमाल करता है, जिससे उसे तीव्र नशा होता है और दिमाग सुन्न पड़ जाता है। अत्यधिक नशा करने के कारण वह बहुत आक्रामक है, बेकाबू होकर गोलियां चलाने लगता है।
पुलिस मुठभेड़ और गैंग की जानकारी
अंजू अपहरणकांड के बाद पुलिस ने योगी गुर्जर, कल्ली गुर्जर और उनके साथियों को बेहट में घेर लिया था। उस समय कल्ली ने ही पुलिस पार्टी पर गोलियां चलाई थीं, जिसके बाद गैंग के सभी सदस्य भाग निकलने में कामयाब रहे थे। पुलिस के पास यह जानकारी भी है कि गैंग के पास बोलेरो के अलावा एक क्रेटा गाड़ी भी है।
लंबे समय से इस गैंग का मूवमेंट राजस्थान में रहा है। अंजू अपहरणकांड की जांच में लगी टीम को यह पता चला था कि गैंग के पास दो गाड़ियां हैं। इसी बोलेरो गाड़ी से यह गैंग ग्वालियर आई और घाटीगांव में वारदात को अंजाम दिया।
नकली गुटखा की अफवाह और जांच
जिस कंटेनर के टायरों में गोली मारी गई थी, उसमें ग्वालियर के कुछ लोगों ने नकली गुटखा होने की फर्जी खबर फैलाई थी। पुलिस ने इसकी सूचना जीएसटी और खाद्य विभाग को दी। ड्रग इंस्पेक्टर ने मामले की जांच की। एसडीओपी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि जांच में ऐसा कुछ भी नहीं मिला है।
पुलिस की कार्रवाई और इनाम बढ़ाने की तैयारी
डकैत कल्ली गुर्जर की तलाश में कई टीमें लगी हुई हैं। पुलिस उसके रिश्तेदारों के घरों के आसपास भी निगरानी कर रही है। अब कल्ली गुर्जर पर इनाम बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

