बुलंद सोच, भोपाल।
दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में 30 जुलाई को हुए मतदान के बाद सोमवार तीन अगस्त को मतगणना होगी। परिणाम को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेता अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।
भाजपा ने इस बार प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह नए चेहरे आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है, जो पहली बार चुनाव लड़े हैं। वहीं, कांग्रेस ने अपने अनुभवी नेता घनश्याम सिंह को मैदान में उतारा।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद हुए पहले चुनाव में यहां मतदान 71.44 प्रतिशत रहा, जो 2023 की तुलना में लगभग नौ प्रतिशत कम रहा। तब मतदान लगभग 80 प्रतिशत रहा था।
महिलाओं का मतदान भी 12 प्रतिशत घटा है। इससे कांग्रेस के नेता उत्साहित हैं, क्योंकि यह माना जाता है कि पिछले विधानसभा चुनाव में लाड़ली बहना योजना के कारण महिलाओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया था।
दतिया उपचुनाव के परिणाम कई मायने में महत्वपूर्ण हैं।
दतिया उपचुनाव नतीजों से पहले कांग्रेस में भूचाल आ गया, जिसमें पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया। यह कार्रवाई भितरघात के चलते की गई।
यह चुनाव पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक भविष्य को तय करेगा। साथ ही, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व, चुनाव प्रबंधन और सरकार की योजनाओं से भी इसे जोड़कर देखा जाएगा।
कांग्रेस के लिए भी उपचुनाव के परिणाम काफी महत्वपूर्ण रहेंगे, क्योंकि पार्टी प्रदेश में बीते एक वर्ष से संगठन के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है। नया नेतृत्व तैयार किया गया है और पंचायत स्तर तक समितियां बनाने के दावे किए गए।
इस चुनाव के परिणाम से भले ही सरकार की सेहत पर कोई फर्क न पड़े, मगर अगले साल होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों में यह सहायक अवश्य बनेंगे।
यह सीट कांग्रेस से विधायक राजेंद्र भारती के आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में सजा मिलने पर अयोग्य घोषित किए जाने से रिक्त हुई थी।

