बुलंद सोच, गोवा।
गोवा पुलिस ने तटीय राज्य में हुए कुछ छात्र विरोध प्रदर्शनों के आयोजकों से वित्तपोषण और उद्देश्य के बारे में पूछताछ की है, जहां कथित तौर पर उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाए गए थे। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पिछले हफ्ते गोवा पुलिस ने प्रधान के इस्तीफे के जश्न के दौरान जेल में बंद छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद के समर्थन में बयान देने के आरोप में दो युवकों को हिरासत में लिया था। खालिद को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया गया है।
विरोध प्रदर्शनों के आयोजक और शिकायत
तटीय राज्य पुलिस ने पिछले सप्ताह मापुसा और पणजी में प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए दो विरोध प्रदर्शनों के आयोजकों से भी पूछताछ की थी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों कार्यक्रम एनजीओ उजवाद की ओर से आयोजित किए गए थे। स्थानीय समूह ‘मापुसा के नागरिक’ ने खालिद समर्थक बैनरों पर आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
एनजीओ सचिव से विस्तृत पूछताछ
पणजी पुलिस ने बुधवार को उन सभाओं का आयोजन करने वाले एनजीओ की सचिव अमरीन शेख को तलब किया। शेख टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं। सूत्रों के अनुसार, जांच अधिकारी ने लगभग 240 सवाल पूछे, मुख्य रूप से विरोध प्रदर्शन के लिए धन और उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाने के पीछे कथित इरादे के बारे में। एक सूत्र के अनुसार, जांच अधिकारी ने शेख से ‘विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कौन कर रहा था? क्या आप विरोध प्रदर्शन से संबंधित किसी व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सिग्नल समूह के सदस्य हैं? आप कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचे? विरोध प्रदर्शन के माध्यम से आप क्या हासिल करना चाहते थे? क्या आप किसी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन या छात्र संगठन से जुड़े हैं?’ जैसे सवाल पूछे।
पुलिस का आधिकारिक बयान
उत्तर गोवा के पुलिस अधीक्षक हरिश्चंद्र मडकैकर ने गुरुवार को पीटीआई को बताया कि एक समूह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई थी। उन्होंने कहा कि पूछे गए प्रश्न मूल रूप से जांच का हिस्सा थे। मडकैकर ने आगे बताया कि पूछताछ के बाद आयोजकों को जाने दिया गया।

