बुलंद सोच, उज्जैन।
गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर उज्जैन में ₹34 करोड़ की लागत से निर्मित प्रदेश के पहले ‘गीता भवन’ का भव्य लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर आयोजित महर्षि सांदीपनि गुरुपर्व एवं अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय संस्कृति में गुरु और माता-पिता के सर्वोच्च स्थान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उज्जयिनी ज्ञान और कर्म की एक ऐतिहासिक पवित्र भूमि है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण कर मानवता को गीता का अमर संदेश प्रदान किया था।
समारोह में मुख्यमंत्री ने लगातार तीन वर्षों से बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत (100%) परिणाम देने वाले प्राचार्यों और शिक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही, मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन योजना की घोषणा करते हुए कहा कि लगातार तीन वर्षों तक 100% परिणाम देने वाले सरकारी स्कूलों के सर्वांगीण विकास हेतु ₹5 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों या संस्था प्रमुखों को ₹1 लाख का व्यक्तिगत पुरस्कार दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 10,000 नए शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
इसके अतिरिक्त, तकनीक-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘मिशन बुनियाद’ का शुभारंभ किया गया है।
इस योजना के अंतर्गत, प्रदेश के 8 जिलों के 500 शासकीय स्कूलों (कक्षा 9वीं से 12वीं तक) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से आधुनिक शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

