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2026-08-04

ग्वालियर में 23 लाख की ठगी के शिकार युवक ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में सिंधिया से न्याय की गुहार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, ग्वालियर।

लोन दिलाने के नाम पर 23 लाख रुपये की कथित ठगी से परेशान एक युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली है। मृतक ने पांच पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें तीन लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान जसपाल सिंह यादव के रूप में हुई है, जो शनिवार से लापता थे। रविवार देर रात उनका शव झांसी रोड थाना क्षेत्र की रेलवे लाइन पर मिला।
सोमवार सुबह परिजनों ने शव की पहचान की, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया और सुसाइड नोट को जांच में शामिल कर लिया है।

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सुसाइड नोट में खुलासे

सुसाइड नोट में जसपाल ने तीन लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए उन्हें अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। युवक ने पत्र में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अपील भी की है।
सुसाइड नोट के अनुसार, आरोपियों ने जसपाल को विश्वास दिलाया था कि उनकी करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की जमीन पर 3.45 करोड़ रुपये का बैंक लोन स्वीकृत हो गया है। कथित बैंक स्वीकृति पत्र दिखाकर लोन प्रक्रिया के नाम पर उनसे 23 लाख रुपये ले लिए गए।
फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक लगातार टालमटोल की गई, लेकिन न तो लोन मिला और न ही रकम लौटाई गई।
जसपाल ने लिखा है कि 23 लाख रुपये जुटाने के लिए उन्होंने बुलेट बाइक, कार, सफारी वाहन और सोना तक गिरवी रखा तथा ऊंचे ब्याज पर रकम ली। 20 प्रतिशत ब्याज के कारण उनकी देनदारी बढ़कर करीब 35 लाख रुपये हो गई थी।
उन्होंने लिखा कि आर्थिक और मानसिक दबाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया है। सुसाइड नोट में आशीष गुप्ता, डबरा निवासी रवि जाटव और टेकनपुर निवासी रवि कुमार का नाम दर्ज है।
मृतक ने दावा किया है कि इन लोगों ने न सिर्फ उनके साथ, बल्कि कई अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी की है। उन्होंने आरोपियों के मोबाइल नंबर और अन्य विवरण भी लिखे हैं।
सुसाइड नोट के अंतिम हिस्से में जसपाल ने लिखा कि वह मरना नहीं चाहते थे, लेकिन कथित धोखाधड़ी और आर्थिक बर्बादी ने उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से अपने पिता को रुपये वापस दिलाने और मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास दिलाने की अपील की है।

पुलिस की जांच

पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। नोट में दर्ज नामों, मोबाइल नंबरों और अन्य तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।