बुलंद सोच, ग्वालियर।
मुरार जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को इन दिनों जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्लास्टर चढ़ाने के लिए आवश्यक सामग्री खत्म होने से हड्डी की चोट वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, कुछ जरूरी एंटीबायोटिक दवाओं का स्टॉक भी समाप्त हो गया है। इस कारण मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
मरीजों का कहना है कि वे सरकारी अस्पताल में इलाज इसलिए करवाने आते हैं ताकि मुफ्त इलाज और दवाओं का लाभ मिल सके, लेकिन अब प्लास्टर सामग्री और दवाएं बाहर से खरीदने की मजबूरी बन गई है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
प्लास्टर चढ़ाने में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री का स्टॉक पिछले कुछ दिनों से खत्म है। इसके अलावा, कुछ एंटीबायोटिक दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि दवाओं की मांग भेज दी गई है। आरएमओ डॉ. जेपीएन शर्मा का कहना है कि कुछ एंटीबायोटिक दवाएं नहीं हैं और उनकी मांग भेजी गई है।
सिविल सर्जन डॉ. सीमा जायसवाल से जब प्लास्टर सामग्री को लेकर सवाल किया गया तो उनका कहना था कि सामग्री उपलब्ध है, हालांकि कुछ दवाओं की डिमांड की गई है। बड़ागांव निवासी मरीज के परिजन दिनकर सिंह ने बताया कि दवा अस्पताल में नहीं मिली और उन्हें मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ी।
