बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर में नगर निगम की भाजपा परिषद और महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा अपने चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाए जाने के बीच कांग्रेस ने उनकी नाकामियों को गिनाते हुए मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने पटेल नगर में बेलेश्वर मंदिर की बावड़ी में हुई मौतों और भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के लिए महापौर को जिम्मेदार ठहराया है।
हादसों में 72 मौतें और न्याय का अभाव
गुरुवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने एक पत्रकार वार्ता में बताया कि बेलेश्वर मंदिर बावड़ी में 36 लोग मारे गए थे। इसके बाद भागीरथपुरा में दूषित जल से भी 36 मौतें हुईं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बेलेश्वर हादसे के पीड़ित परिवारों को न तो मुआवजा मिला और न ही दोषियों को सजा। इसके बजाय, जिन इंजीनियरों को निलंबित किया गया था, उन्हें अब अच्छी पोस्टिंग दे दी गई है। भागीरथपुरा कांड में भी जहरीले पानी का असल कारण आज तक सामने नहीं आया है।
नगर निगम कंगाली की कगार पर
शहर अध्यक्ष चौकसे और नेता प्रतिपक्ष मिमरोट ने आगे कहा कि महापौर चार साल में शहर के विकास के मुद्दे पर भी आवाज नहीं उठा सके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के पास इंदौर नगर निगम की चुंगी क्षतिपूर्ति, स्टैंप ड्यूटी और प्रवेश कर के 600 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया हैं। पैसा नहीं मिलने के कारण इंदौर नगर निगम कंगाली के स्तर पर पहुंच चुका है।
जनता पर टैक्स वृद्धि और महापौर की निष्क्रियता
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जनता पर टैक्स बढ़ाया जा रहा है, लेकिन महापौर सरकार और मुख्यमंत्री से इंदौर के हक का पैसा नहीं मांग पा रहे हैं।
घोटाले और बदहाल व्यवस्थाएं
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ड्रेनेज लाइन के घोटाले को दबाकर छोटा बताया जा रहा है और इस मामले में दोषियों से वसूली नहीं हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नामांतरण घोटाला हो या फर्जी फाइल घोटाला, ये सभी भार्गव के कार्यकाल में सामने आए हैं। नेताओं ने बताया कि पूरे शहर में सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं और निगम में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं हो रहा है। कांग्रेस ने कहा कि बीते साल से टैक्स बढ़ाकर जनता पर थोप दिया गया है।
महापौर और परिषद से माफी की मांग
इन असफलताओं और नागरिकों की परेशानी के लिए महापौर और भाजपा की निगम परिषद को जनता से माफी मांगनी चाहिए।

