बुलंद सोच, इंदौर।
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने आबूधाबी से इंदौर के लिए शुरू हुई सीधी उड़ान में सोने की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। डीआरआई ने इस मामले में एक तस्कर, एक सराफा व्यापारी, एक कस्टम कर्मचारी, एक एयरलाइंस कर्मचारी और एक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है।
तस्करी का तरीका
तस्कर एक किलो सोने के कड़े बनाकर लाया था, जिन पर चांदी की परत चढ़ाई गई थी। एयरलाइंस के कर्मचारी वासुदेव बरनाले ने कस्टम जांच से पहले ही वह कड़ा तस्कर गोविंद पोरवाल से ले लिया था। बरनाले ने इस कड़े को एयरपोर्ट के बाहर खड़े सराफा कारोबारी संजय मुंजे को सौंप दिया।
डीआरआई की कार्रवाई
इस उड़ान में सोने की तस्करी की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने यात्रियों का रिकॉर्ड खंगाला। गोविंद पोरवाल पर पहले से ही शक था, हालांकि उसके पास से पहले कभी सोना नहीं मिला था। इस बार टीम ने उससे जुड़े पूरे नेटवर्क का भी पता लगाया। एक टीम एयरपोर्ट के बाहर तैनात की गई और वासुदेव बरनाले द्वारा एक किलो सोने की डिलीवरी देने तक इंतजार किया गया।
तस्करी का कारण
खाड़ी देशों का सोना अच्छी गुणवत्ता का होने के साथ अपेक्षाकृत सस्ता भी होता है। इसके अलावा, वहां और भारत के बीच सोने की कीमतों में भी अंतर रहता है। भारत में खाड़ी देशों से सोना लाने पर भारी आयात शुल्क देना पड़ता है। तस्करों द्वारा इसी शुल्क से बचने और अच्छा मुनाफा कमाने के लिए अवैध रूप से सोना भारत लाया जाता है।

