बुलंद सोच, उज्जैन।
मध्य प्रदेश के उभरते औद्योगिक केंद्र विक्रम उद्योगपुरी में देश की प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी टीवीएस ने बड़े निवेश में रुचि दिखाई है। कंपनी ने मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) से अपना विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए 300 एकड़ भूमि की मांग की है। इस प्रस्ताव को उद्योगपुरी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यदि भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी होती है, तो ऑटोमोबाइल क्षेत्र का यह निवेश उज्जैन को प्रदेश के प्रमुख विनिर्माण केंद्रों की कतार में और मजबूत करेगा।
उद्योगपुरी का चरणबद्ध विकास
विक्रम उद्योगपुरी का विकास दो चरणों में किया गया है। पहले चरण में 454 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया गया है, जिसके सभी औद्योगिक भूखंड आवंटित हो चुके हैं। दूसरे चरण में 472.24 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया गया है। इस दूसरे चरण में से लगभग 150 हेक्टेयर भूमि वोल्वो आयशर, अडानी समूह और एलकेम फार्मा जैसी बड़ी कंपनियों को पहले ही आवंटित की जा चुकी है। अब टीवीएस की ओर से 300 एकड़ भूमि की मांग आने के बाद दूसरे चरण में भी बड़े निवेश की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
विक्रम उद्योगपुरी की वर्तमान स्थिति
एमपीआईडीसी अब तक उद्योगपुरी में 115 उद्यमियों को औद्योगिक भूखंड आवंटित कर चुका है। यहां 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वर्तमान में 30 उद्योगों में उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि 30 अन्य औद्योगिक इकाइयों का निर्माण कार्य जारी है। सभी परियोजनाएं पूरी होने पर लगभग 25,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। वर्तमान में 4,000 से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। इससे पहले, ट्रक-बस बनाने वाली वाल्वो-आयशर कंपनी यहां जमीन प्राप्त कर चुकी है।
सामाजिक अधोसंरचना का विकास
औद्योगिक निवेश के साथ-साथ सामाजिक अधोसंरचना का भी तेजी से विकास किया जा रहा है। एमपीआईडीसी यहां 50 करोड़ रुपये की लागत से 1,500 महिला श्रमिकों के लिए छात्रावास का निर्माण करा रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना मंडल ने उद्योग क्षेत्र में 1,250 आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए भूमि की मांग की है। इसका उद्देश्य उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों को कार्यस्थल के निकट बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मेडिकल डिवाइस पार्क का योगदान
उद्योगपुरी के समीप विकसित 360 एकड़ के मेडिकल डिवाइस पार्क ने भी इस पूरे औद्योगिक कॉरिडोर को नई पहचान दी है। 222 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस पार्क में पिछले दो वर्षों में 66 मेडिकल डिवाइस निर्माण इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इनसे 2,894 करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है और लगभग 10,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
स्थानीय रोजगार और भविष्य की दिशा
हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रम उद्योगपुरी का दौरा कर अधिकारियों और उद्यमियों को स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे। टीवीएस जैसी राष्ट्रीय स्तर की कंपनी की रुचि को इसी दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। ऑटोमोबाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग और मेडिकल डिवाइस जैसे विविध क्षेत्रों के निवेश से विक्रम उद्योगपुरी आने वाले वर्षों में मालवा क्षेत्र का सबसे बड़ा औद्योगिक और रोजगार केंद्र बनने की ओर तेजी से बढ़ रही है।

