बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर के लवकुश चौराहे पर बन रहे डबल डेकर फ्लाईओवर की एक लेन से यातायात शुरू करने के लिए बुधवार देर शाम सीएमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी) से आवश्यक अनुमति मिल गई।
आईडीए (इंदौर विकास प्राधिकरण) के मुख्य कार्यपालिक अधिकारी डॉ. परिक्षित झाड़े ने बताया कि गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इंदौर प्रवास के दौरान उनकी उपस्थिति में फ्लाईओवर की एक भुजा से यातायात शुरू किए जाने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री का इंदौर होकर अलीराजपुर जाना प्रस्तावित है, इसलिए संभावना है कि वे फ्लाईओवर की भुजा से यातायात शुरू कर सकते हैं। उद्घाटन की उम्मीद में जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए थे।
इससे पहले, बुधवार को प्रस्तावित ट्रायल सीएमआरएस की अनुमति नहीं मिलने से नहीं हो सका था।
इंदौर विकास प्राधिकरण ने लवकुश चौराहा स्थित डबल डेकर फ्लाईओवर की एक भुजा पर बुधवार से वाहन चलाने के लिए तैयारी भी कर ली थी, जिसमें पुजारी को बुलवाना और नेताओं का मजमा जमाना शामिल था, लेकिन अधिकारी अनुमति लेना भूल गए। इस वजह से ट्रायल टालना पड़ा। जहां फ्लाईओवर की लेन से टीन शेड हटाने की तैयारी थी, वहीं सीमेंट के ब्रेकर रखकर फिर से बंद कर दिया गया। इस दौरान पार्षद और कई जनप्रतिनिधि पहुंच गए और महापौर को फोन लगाया, तब पता चला कि सीएमआरएस की अनुमति ही नहीं मिली है।
आईडीए ने उज्जैन रोड से मरीमाता जाने वाली लेन को पूरी तरह तैयार कर लिया था और ट्रायल रन की सभी तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं। हालांकि, ट्रायल शुरू होने से एक दिन पहले आइडीए और मेट्रो अधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें अफसरों ने सीएमआरएस द्वारा मांगी फ्लाईओवर की कंपाइलेशन रिपोर्ट देने को कहा। इसके बाद आइडीए ने तुरंत लोड टेस्ट, सुरक्षा जांच और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार किए और मंगलवार शाम को पूरी रिपोर्ट ऑनलाइन सीएमआरएस को भेजी। इसके बाद बुधवार सुबह आइडीए और मेट्रो के अधिकारी फ्लाइट से दिल्ली सीएमआरएस से मिलने पहुंचे और जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया।
सीएमआरएस अनुमति की अनिवार्यता
मेट्रो ट्रैक के ऊपर यदि कोई फ्लाईओवर बनाया जाता है, तो निर्माण पूर्ण होने और यातायात शुरू करने से पहले सीएमआरएस की अनुमति जरूरी होती है। मेट्रो के माध्यम से इसके लिए आवेदन करना होता है और सीएमआरएस फ्लाईओवर का निरीक्षण कर उसकी गुणवत्ता और तय मापदंडों के आधार पर अनुमति देती है। विगत दिनों सीएमआरएस की टीम मेट्रो के निरीक्षण के लिए आई थी, तब इस फ्लाईओवर का निरीक्षण भी किया था।
इस मामले में आइडीए की तैयारी अधूरी नजर आई, क्योंकि ट्रायल की तारीख घोषित कर दी गई थी, लेकिन जरूरी अनुमति लेने की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की गई। मंगलवार को बैठक के दौरान जब यह जानकारी मिली कि सीएमआरएस की अंतिम मंजूरी के बाद ही फ्लाईओवर से वाहन गुजर सकेंगे, तब अधिकारियों ने ताबड़तोड़ लोड टेस्ट और सुरक्षा जांच की रिपोर्ट तैयार कर भेजी।
आइडीए ने जून में अनुमति के लिए आवेदन किया था, लेकिन उस समय लोड टेस्ट पूरा नहीं हुआ था। जून में लोड टेस्ट होने के बाद उसकी रिपोर्ट तैयार की गई और अंतिम कंपाइल रिपोर्ट मंगलवार को सीएमआरएस को भेजी गई।
शेष निर्माण कार्य
डॉ. परिक्षित झाड़े ने बताया कि फ्लाईओवर का शेष निर्माण कार्य लगभग दो माह में पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद विधिवत लोकार्पण कर फ्लाईओवर को दोनों ओर से आम यातायात के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
लवकुश चौराहा पर बाणगंगा से अरविंदो की तरफ जाने वाली दूसरी भुजा का कार्य जारी है। इसका निर्माण कार्य 31 अगस्त तक पूरा कर यातायात शुरू कर दिया जाएगा। इसमें ब्रो स्टिंग और एक स्पान पर स्लैब डालने का कार्य किया जाना है, इसके बाद एप्रोच के काम भी होना है।
लवकुश चौराहा फ्लाईओवर का एक लेन वाहनों के लिए खुलने से इंदौर को जाम से राहत मिलेगी और हजारों चालकों का समय बचेगा।

