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2026-07-31

इंदौर में एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बिक्री, जांच प्रणाली पर सवाल

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, इंदौर।

इंदौर में शराब दुकानों पर अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक दाम वसूलने का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
शराब खरीदने वाले उपभोक्ता लगातार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (सीएम हेल्पलाइन) पर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।
जांच का जिम्मा उन्हीं आबकारी अधिकारियों को सौंपा जा रहा है, जिन पर दुकानों की निगरानी की जिम्मेदारी है, जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश मामलों में शिकायत को गलत बताकर बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।
नियमों के अनुसार, शराब की बिक्री न्यूनतम विक्रय मूल्य (एमएसपी) से कम और एमआरपी से अधिक नहीं की जा सकती।
इसके बावजूद, ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश दुकानों पर खुलेआम एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है, और शहर में भी ऐसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहा है।

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जांच प्रणाली पर सवाल

शराब दुकानों की निगरानी, बिक्री व्यवस्था और नियमों के पालन की जिम्मेदारी आबकारी विभाग के संबंधित वृत्त के अधिकारियों पर होती है, और एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत आने पर जांच भी उन्हीं अधिकारियों से कराई जा रही है।
इस स्थिति में हितों के टकराव की स्थिति बन रही है, और शिकायतकर्ता सवाल उठा रहे हैं कि जब निगरानी करने वाला अधिकारी ही जांच करेगा, तो निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

प्रमुख शिकायतें

देपालपुर क्षेत्र के निवासी छोटू वर्मा ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने एक शराब दुकान से 140 रुपये एमआरपी वाली बीयर केन खरीदी, लेकिन उनसे अधिक कीमत वसूली गई।
यह शिकायत आबकारी विभाग को भेजी गई और जांच संबंधित वृत्त के आबकारी उप निरीक्षक ने की, जिन्होंने अपने प्रतिवेदन में दावा किया कि दुकान पर बीयर 130 रुपये में बेची जा रही थी और एमआरपी से अधिक मूल्य लेने की पुष्टि नहीं हुई।
विभाग ने शिकायत को निराकरण की ओर बढ़ा दिया, लेकिन शिकायतकर्ता जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुए।
सांवेर क्षेत्र के ग्राम सोलसिंदा निवासी सचिन राठौर ने धरमपुरी क्रमांक-2 शराब दुकान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, आरोप लगाया कि ब्लेंडर्स प्राइड की 1650 रुपये एमआरपी वाली बोतल निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर बेची जा रही थी।
इस मामले की जांच भी संबंधित आबकारी उप निरीक्षक ने की और अपनी रिपोर्ट में अधिक मूल्य पर बिक्री की पुष्टि नहीं होने की बात कही, जिस पर शिकायतकर्ता ने जांच पर सवाल उठाते हुए अपनी शिकायत बरकरार रखी है।

विभाग की कार्रवाई

एमआरपी से अधिक दाम पर शराब बिक्री के मामलों में अब तक 93 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है, जिसमें से 86 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है।
सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी के अनुसार, शिकायत मिलने पर दुकानों की जांच अलग-अलग स्तर पर कराई जाती है।