बुलंद सोच, अशोकनगर।
अशोकनगर जिले में 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों को वरिष्ठ वेतनमान का लाभ प्रदान करने हेतु जारी सूची को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि लगभग चार माह के विलंब से जारी इस सूची में कई पात्र शिक्षकों के नाम सम्मिलित नहीं किए गए हैं, जबकि वर्षों पहले सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों के नाम भी दर्ज हैं। इस स्थिति ने सूची की पारदर्शिता एवं रिकॉर्ड संधारण पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
सूची में गंभीर विसंगतियां
अशोकनगर जिले के अनु, बहादुरपुर, ईसागढ़, शाढौरा और मुंगावली सहित अनेक संकुलों के पात्र शिक्षकों के नाम इस सूची से अनुपस्थित हैं। शिक्षकों के अनुसार, शासकीय निर्देशों के तहत 1 जुलाई 2023 को या उसके बाद 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों के नाम सूची में शामिल किए जाने थे। इसके बावजूद, सूची में वर्ष 2015, 2020 और 2021 में सेवानिवृत्त हुए कुछ शिक्षकों के नाम भी सम्मिलित हैं। इस कारण सूची में गंभीर विसंगतियों की आशंका व्यक्त की जा रही है।
विभागीय लापरवाही के आरोप
शिक्षकों ने बताया कि संबंधित फाइलें लगभग डेढ़ से दो माह पूर्व ही जमा कर दी गई थीं, परंतु सूची जारी करने में अनावश्यक विलंब किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर हुई लापरवाही के कारण कई पात्र शिक्षकों के नाम सूची में छूट गए हैं, जिससे उनमें असंतोष व्याप्त है। कुछ शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग में बाबुओं की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है और जिम्मेदार अधिकारियों ने सूची का उचित परीक्षण नहीं किया। शिक्षकों का मत है कि यदि समय पर रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाता तो इस प्रकार की त्रुटियां सामने नहीं आतीं।
संशोधित सूची जारी करने की मांग
शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि जारी सूची का पुनः परीक्षण कराया जाए, छूटे हुए पात्र शिक्षकों के नाम जोड़े जाएं तथा जिन मामलों में शासकीय नियमों के विपरीत प्रविष्टियां हुई हैं, उनकी जांच कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। वर्तमान में इस मुद्दे को लेकर शिक्षकों में नाराजगी बनी हुई है और वे एक संशोधित सूची जारी करने की मांग कर रहे हैं।

