बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर पुलिस ने ई-रिक्शा में यात्रा के दौरान यात्रियों के सूटकेस से आभूषण चोरी करने वाली एक गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में बिजनोर (उत्तर प्रदेश) से जुड़े चार आरोपियों को हिरासत में लिया है।
आरोपितों ने पुलिस पूछताछ में अपनी वारदात कबूल कर ली है। वर्तमान में पुलिस चोरी किए गए आभूषणों की बरामदगी के प्रयास में जुटी हुई है।
वारदात का विवरण
ठाणे के टिटवाड़ा-कल्याण निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक पवनसिंह 19 जुलाई को अपनी बेटी खुशबू के साथ अवंतिका एक्सप्रेस से इंदौर पहुंचे थे।
खुशबू का ससुराल स्कीम-78 में है, और उनके पति नीरज सिंह एक कार्गो कंपनी में एरिया मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
स्टेशन से बाहर निकलने के बाद पिता-पुत्री एक ई-रिक्शा में बैठे, जिसमें पहले से दो लोग सवारी बनकर मौजूद थे। रास्ते में एक अन्य व्यक्ति भी रिक्शा में बैठ गया। इसी दौरान आरोपितों ने सूटकेस खोलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
चोरों ने सूटकेस से लगभग 17 तोला सोने के आभूषण, सवा किलो चांदी और पांच हजार रुपये नकद चुरा लिए।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के बाद लसूड़िया थाने में मामला दर्ज किया गया। टीआई राजकुमार यादव के निर्देशन में एसआई शैलेंद्र सिंह की टीम ने जांच शुरू की।
शुक्रवार को पुलिस ने हातोद क्षेत्र से ई-रिक्शा (एमपी 09एजे8770) और दो आरोपितों को पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने बिजनोर निवासी अपने दो अन्य साथियों के नाम बताए, जिसके बाद चारों को हिरासत में ले लिया गया।
आरोपितों ने पुलिस को बताया कि चोरी किए गए आभूषण बिजनोर भेज दिए गए हैं।
पुलिस अब चोरी का मशरुका बरामद करने की कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार, गैंग के दो सदस्य पहले भी इसी तरह की दो वारदातों में शामिल रह चुके हैं।

