बुलंद सोच, जबलपुर।

जबलपुर के तिलवारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सकरी में उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब अवैध शराब की सूचना पर सादे कपड़ों में पहुंचे दो पुलिस जवानों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया।
तिलवारा थाने में पदस्थ हवलदार पृथ्वीराज और हवलदार राजेश परते ग्राम सकरी पहुंचे थे। दोनों पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों जवान बिना किसी पूर्व सूचना के एक घर में घुस गए और वहां धक्का-मुक्की की।
ग्रामीणों के अनुसार, पकड़े जाने पर दोनों जवानों ने स्वयं को पुलिसकर्मी बताया, लेकिन ग्रामीणों ने इस पर ध्यान नहीं दिया और उन्हें पकड़ लिया।
हवलदार राजेश परते किसी तरह ग्रामीणों के कब्जे से छूटकर तिलवारा थाने पहुंचे और घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल गांव भेजा गया।
पुलिस अधिकारियों ने ग्राम सकरी के सरपंच और अन्य ग्रामीणों से बातचीत कर हवलदार पृथ्वीराज को ग्रामीणों के कब्जे से सुरक्षित मुक्त कराया।
जवानों को छुड़ाए जाने के बाद, बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण तिलवारा थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव किया और थाने के सामने धरने पर बैठ गए।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा की और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
पुलिस विभाग दोनों जवानों द्वारा बिना अनुमति जांच के लिए जाने के मामले की भी जांच कर रहा है। दोनों जवानों ने ग्राम सकरी जाने की जानकारी थाने के रोजनामचे में दर्ज नहीं कराई थी और न ही मौके पर जाने से पूर्व किसी वरिष्ठ अधिकारी से अनुमति ली थी।
ग्राम सकरी में लंबे समय से कई घरों में कच्ची शराब बनाने और बेचने का काम होने के आरोप लगते रहे हैं। पूर्व में भी गांव से कच्ची शराब बेचने के लिए ले जाते हुए लोगों को पकड़ा गया है।
इसी सूचना के आधार पर दोनों जवान ग्राम सकरी पहुंचे थे, किंतु बिना औपचारिक सूचना और सादे कपड़ों में कार्यवाही करने के कारण यह पूरा मामला विवाद में बदल गया।

