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2026-08-06

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के सात साल पूरे

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने 12 साल के कार्यकाल में कई बड़े निर्णय लिए हैं। 5 अगस्त 2019 को देश की संसद में एक ऐसा फैसला हुआ जिसकी किसी को कानों-कान खबर नहीं थी।

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जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक (अब दिवंगत) ने भी बाद के साक्षात्कारों में इस निर्णय पर अपनी हैरानी व्यक्त की थी।

दरअसल, इसी दिन जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले सांविधानिक प्रावधानों – अनुच्छेद 370 और आर्टिकल 35 ए को निष्प्रभावी करने का निर्णय लिया गया था।

संसद में हंगामे के बावजूद केंद्रीय गृह मंत्री ने सरकार के दृढ़ इरादों को स्पष्ट किया था।

लंबी चर्चा, विरोध और आपत्तियों के पश्चात संसद ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और आर्टिकल 35 ए को हटाने पर मुहर लगाई, जिसके बाद से आज तक जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर अस्तित्व में है।

वर्तमान स्थिति पर चर्चा

जम्मू-कश्मीर को लेकर केंद्र सरकार के इस सात वर्ष पुराने निर्णय पर आज भी चर्चा होती है।

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान कश्मीर को एक अंतरराष्ट्रीय मसला बनाने पर अड़ा हुआ है।

ऐसे समय में जब पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में वहां की सेना दमन कर रही है, भारत सरकार का रुख भी एक महत्वपूर्ण बिंदु है।

5 अगस्त के अवसर पर यह रिपोर्ट एक बार फिर इतिहास के पन्नों के माध्यम से इन सवालों के जवाब तलाशती है।