बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विधानसभा में प्रस्तुत समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है। पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए यूसीसी का मुद्दा उठा रही है।
भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान पटवारी ने कहा कि नौ करोड़ प्रदेशवासियों की सरकार की प्राथमिकता यूसीसी नहीं, बल्कि किसानों, युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दे होने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ रही है, किसान परेशान हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था कमजोर है, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान के बजाय यूसीसी पर जोर दे रही है।
पटवारी ने कहा कि भाजपा एक ओर अखंड भारत की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कानून बनाकर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार कानून बनाना चाहती है तो शिक्षा और रोजगार की गारंटी देने वाला कानून बनाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि कोई भी मंत्री यह दावा नहीं कर सकता कि उसके विभाग में पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने के लिए यूसीसी का मुद्दा उठा रही है। पटवारी ने कहा कि विधानसभा का सत्र केवल पांच दिन का है, लेकिन सरकार एक साथ कई विधेयक ला रही है, जिससे किसानों, युवाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाएगी।
पटवारी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करते हुए कहा कि इससे भारतीय किसानों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका में किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत का छोटा किसान सीमित सहायता पर निर्भर है। उन्होंने आरोप लगाया कि गेहूं 2700 रुपये प्रति क्विंटल खरीदने और अन्य फसलों का बेहतर समर्थन मूल्य देने के वादे पूरे नहीं हुए और किसानों को आज भी उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार से बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और अब तक आयोजित निवेशक सम्मेलनों पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि निवेशक सम्मेलनों पर खर्च हुए करोड़ों रुपये के बदले कितना निवेश आया, कितने उद्योग लगे और कितने युवाओं को रोजगार मिला।
विधानसभा में यूसीसी से जुड़े घटनाक्रम
मध्य प्रदेश विधानसभा में यूसीसी बिल पास किया गया। मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर कहा कि ‘अलग-अलग मजहबी तौल कांटा नहीं चलेगा’। इस दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ।
विधानसभा के दूसरे दिन यूसीसी पर कांग्रेस ने हल्ला बोल किया और सांकेतिक शव रखकर प्रदर्शन किया।
