बुलंद सोच, उज्जैन।
उज्जैन जिले की खाचरौद तहसील के बेहलोला गांव में 18 जुलाई को एक दिव्यांग दंपती के साथ मारपीट की घटना सामने आई। इस मामले में खाचरौद थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई थी।
पीड़ित अंतरबाई और उनके पति जगदीश ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों और रिश्तेदारों द्वारा उन्हें लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा है। दंपती के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के कई दिन बीत जाने के बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं।
दंपती ने बताया कि यह विवाद पांच बीघा पैतृक जमीन के बंटवारे से जुड़ा है। उनके देवर और अन्य रिश्तेदार उन्हें बंटवारे में मिली जमीन पर खेती करने से रोक रहे हैं, जिसके कारण यह मारपीट की घटना हुई।
न्याय नहीं मिलने से परेशान होकर पीड़ित पति-पत्नी मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान उज्जैन कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा, जिसमें आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की गई।
पीड़ितों ने अपनी जान को खतरा बताया है और कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। एफआईआर दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और पीड़ितों को लगातार धमकियां मिलने के आरोपों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

