बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 9 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व आदिवासी दिवस पर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग उठाई है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात और ज्ञापन
शुक्रवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस के आदिवासी विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा।
पूर्ववर्ती कमल नाथ सरकार का उल्लेख
मीडिया से चर्चा में उमंग सिंघार ने बताया कि कमल नाथ सरकार के कार्यकाल में विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि उस समय प्रदेश के सभी 89 विकासखंडों में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अलग से बजट भी उपलब्ध कराया गया था।
राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का आग्रह
कांग्रेस ने इस वर्ष भी 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने राज्य स्तर पर शैक्षणिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का भी आग्रह किया है।
शैक्षणिक संस्थानों में विशेष आयोजन
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि विद्यालयों, महाविद्यालयों और शासकीय संस्थानों में आदिवासी इतिहास, संस्कृति और परंपराओं पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
आदिवासी योगदानकर्ताओं का सम्मान
कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि आदिवासी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाए।
निजीकरण रोकने और पद भरने की मांग
कांग्रेस ने आदिवासी क्षेत्रों में संचालित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI), आदिवासी छात्रावासों और स्वास्थ्य केंद्रों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन में इन संस्थानों में रिक्त पदों पर नियमित नियुक्तियां करने की भी बात कही गई है।
बजट और सुविधाओं में सुधार
इसके साथ ही, कांग्रेस ने इन संस्थानों के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है।
स्थानीय भागीदारी और प्रभावी व्यवस्था
पार्टी ने स्थानीय समुदाय की भागीदारी और निगरानी सुनिश्चित कर आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास की सरकारी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का भी आग्रह किया है।

