बुलंद सोच, इंदौर।
इंदौर हाई कोर्ट ने मस्टर कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और अन्य लाभ नहीं देने के मामले में इंदौर नगर निगम के निगमायुक्त क्षितिज सिंघल को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए निगमायुक्त से पूछा है कि आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया।
यह मामला निगम के मस्टर कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और अन्य लाभ न दिए जाने से संबंधित है, जिसके लिए अवमानना याचिका दायर की गई थी। वर्ष 2023 में औद्योगिक अधिकरण ने निगम के मस्टर कर्मचारियों के पक्ष में आदेश जारी किया था।
निगम ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। जून 2026 में हाई कोर्ट ने निगम की याचिका निरस्त करते हुए औद्योगिक अधिकरण के आदेश को यथावत रखा था।
हाई कोर्ट ने निगम को यह भी निर्देश दिए थे कि शासन द्वारा जारी आदेशों का लाभ सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को दिया जाए। इसके अतिरिक्त, 10 वर्ष की नौकरी पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी शासन के परिपत्र के अनुसार लाभ दिए जाएं।
कोर्ट के आदेश के एक वर्ष बाद भी जब इसका पालन नहीं हुआ, तो निगम के 42 कर्मचारियों ने अवमानना याचिका दायर की। इस याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई।
मामले में अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी।

