बुलंद सोच, भोपाल।
पवित्र सावन माह के दौरान मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौसम सुहाना रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगस्त महीने में भोपाल का जलवायु लक्षण काफी हद तक जुलाई जैसा ही रहता है। हालांकि, सावन की रिमझिम फुहारों के बीच यह महीना जुलाई की तुलना में अधिक ठंडा होता है।
मानसून की वर्तमान स्थिति
मौसम विज्ञानी पीसी साहू ने बताया कि प्रदेश के ऊपर से गुजर रहा लो प्रेशर एरिया अब गुजरात की तरफ आगे बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर शनिवार से राज्य भर में वर्षा की गतिविधियों में कमी आएगी और भारी वर्षा की संभावना कम है। हालांकि, मानसून द्रोणिका का प्रभाव बना रहेगा।
शुक्रवार को हुई वर्षा
शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक बारिश खंडवा में 94 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, बुरहानपुर में 55 मिलीमीटर, सीहोर में 50 मिलीमीटर, धार में 27 मिलीमीटर, खरगोन में 25 मिलीमीटर, छिंदवाड़ा में 16 मिलीमीटर, दतिया में 10.5 मिलीमीटर, भोपाल में 8 मिलीमीटर, नर्मदापुरम में 7 मिलीमीटर और इंदौर में 5 मिलीमीटर बरसात हुई।
अगस्त माह में वर्षा और तापमान का गणित
मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त माह में भोपाल की औसत वर्षा 326 मिलीमीटर दर्ज की जाती है, जिसमें औसतन 13.9 दिन वर्षा के होते हैं। इस दौरान हवा में नमी 79 प्रतिशत से 89 प्रतिशत के बीच रहती है। जब भी मानसून में ब्रेक आता है, तब हल्की गर्माहट और उमस बढ़ती है। इस अवधि में औसत अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रहता है, जिससे दिन-रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं दिखता।
पिछली भारी वर्षा के आंकड़े
बीते 10 वर्षों में 2020 में 210.6 मिलीमीटर और 2022 में 190.5 मिलीमीटर भारी वर्षा 24 घंटों में दर्ज की गई थी।
अगस्त माह के रिकॉर्ड आंकड़े
अगस्त 2006 में रिकॉर्ड 903.9 मिलीमीटर सर्वाधिक मासिक वर्षा हुई थी। 14 अगस्त 2006 को 291.6 मिलीमीटर 24 घंटे में रिकॉर्ड वर्षा दर्ज की गई थी। 5 अगस्त 1987 को तापमान 35.6 डिग्री पहुंचकर सबसे गर्म दिन रहा था। 21 अगस्त 2003 को न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री दर्ज किया गया था, जो सबसे ठंडी रात थी।
अन्य जानकारी
इंदौर में जिस हाथी ने युवक को कुचला था, वह हैदराबाद से फिल्म शूटिंग कर आया था। वन विभाग ने इस मामले में महावत को नोटिस दिया है।

