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2026-07-23

मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक बहुमत से पारित

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के भारी हंगामे, नारेबाजी और तीखी बहस के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक बहुमत से पारित हो गया। कांग्रेस विधायकों ने लगातार विरोध प्रदर्शन किया और “चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो” के नारे लगाए, जिसके बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में विधेयक पर अपना वक्तव्य रखा।

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यूसीसी बिल पारित होने के साथ ही मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने वाला देश का चौथा प्रमुख राज्य बन गया है।

मुख्यमंत्री का वक्तव्य

विधेयक पर अपना वक्तव्य देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से तुष्टिकरण और मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करती आई है और उसने देश की जनता की पीठ में खंजर घोंपने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बाद मध्य प्रदेश में भेदभाव से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेसियों के दांत खाने के और दिखाने के और हैं” और अब उनका पाखंड तथा दोहरा रोल नहीं चलेगा।

डॉ. यादव ने आगे कहा कि यदि कांग्रेस बाबा साहब अंबेडकर के संविधान का रत्ती भर भी सम्मान करती है, तो उसे इस बिल का खुलकर समर्थन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 93 प्रतिशत नागरिकों ने यूसीसी का समर्थन किया है।

विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने चौपाई का उदाहरण दिया – “जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन्ह तैसी” और कहा कि कांग्रेस की निगाहें खराब हैं, इसलिए उन्हें सीधी बात भी तिरछी दिखाई देती है। संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 में भोपाल को भारत में मिलाने के बजाय पाकिस्तान में मिलाने की कोशिश की गई थी, ऐसे लोगों की मानसिकता पर सवाल उठना चाहिए।

यूसीसी विधेयक के मुख्य प्रावधान

मुख्यमंत्री ने यूसीसी विधेयक के मुख्य प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती पर होने वाले सभी विवाहों का शासकीय पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य होगा। पंजीयन न कराने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि एक पत्नी के जीवित रहते हुए दूसरे विवाह की अनुमति नहीं होगी। इसी तरह, एक पति के रहते हुए पत्नी को भी दूसरे विवाह की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, यह विधेयक महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता और समानता को बढ़ावा देने वाला है। हालांकि, नागरिकों के सामाजिक संस्कार पहले की तरह ही चलते रहेंगे।

मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद से अपने संशोधन प्रस्ताव पर बात रखने को कहा। मसूद का संशोधन प्रस्ताव सदन में खारिज हो गया। इसके तुरंत बाद ही विपक्षी हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने समान नागरिक संहिता विधेयक को पारित घोषित कर दिया।

यूसीसी बिल पास होने के बाद सदन में ‘मध्य प्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक’ पर चर्चा शुरू हुई, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।