बुलंद सोच, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया है कि इस मानसून में प्रदेश में औसत से 15 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में कम वर्षा हुई है, जबकि कुछ जिलों में आने वाले समय में अधिक वर्षा की संभावना है। ऐसी असामान्य स्थितियों में किसानों और नागरिकों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित विभाग पहले से तैयारी रखें। मुख्यमंत्री सोमवार को मंत्रालय में कम वर्षा की वर्तमान स्थिति और उत्पन्न परिस्थितियों के संबंध में मंत्रियों और अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कम वर्षा (सूखा) के कारण होने वाली समस्याओं को हल करने के लिए अभी से जुटने के निर्देश दिए हैं।
वर्षा के आंकड़े
अधिकारियों ने बताया कि एक जून से 10 अगस्त की अवधि में सामान्य वर्षा 571 मिलीमीटर की तुलना में 483 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो औसतन 15 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 513 मिलीमीटर और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 459 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में धान की 84 प्रतिशत बोवनी हो गई है।
किसानों और रबी फसलों पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली रबी फसलों के लिए किसानों को प्रेरित किया जाए, ताकि वे कम वर्षा में उगाई जाने वाली फसलों को प्राथमिकता से ले सकें। उन्होंने विशेष रूप से चने की फसल के लिए आवश्यक मात्रा में बीज उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने खाद-बीज की उपलब्धता बनाए रखने और संबंधित विभागों को किसानों तथा किसान संगठनों से संवाद स्थापित करने के निर्देश भी दिए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्यमंत्री ने राज्य और जिला स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम संचालित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जल भराव या बाढ़ संभावित क्षेत्रों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का आकलन करने तथा राहत शिविरों का प्रबंध करने को कहा। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल भराव से प्रभावित फसलों का राजस्व विभाग के दलों द्वारा पारदर्शिता से सर्वेक्षण हो। क्षति का सर्वेक्षण हो और किसानों को आपदा राहत कोष से मुआवजा दिलवाने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने मूंग खरीदी के कार्य में जहां गुणवत्ता या बेईमानी की शिकायतें मिली हैं, उन पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कालाबाजारी की शिकायतों पर तत्काल कदम उठाया जाए। संबंधित विभाग किसानों और किसान संगठनों से आवश्यक संवाद भी स्थापित करें। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक किसानों को बीमा योजना से जोड़ने तथा सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने वर्षाकाल के उपरांत सड़कों की मरम्मत करने और बांधों से जल छोड़े जाने की स्थिति में निचले इलाकों में समय रहते चेतावनी जारी करने के निर्देश भी दिए।

