बुलंद सोच, जबलपुर।
प्रदेश के 2 करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को जुलाई माह के बिजली बिल में अतिरिक्त भार उठाना पड़ेगा। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के प्रविधानों के तहत फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) 1.11 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.77 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे 200 से 300 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में करीब 35 से 87 रुपये तक की वृद्धि संभव है।
एफपीपीएएस निर्धारण का आधार
एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के चीफ जनरल मैनेजर (रेवेन्यू) शैलेंद्र सक्सेना ने बताया कि एफपीपीएएस हर माह बिजली खरीद की वास्तविक लागत और टैरिफ में स्वीकृत लागत के अंतर के आधार पर निर्धारित किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि मई 2026 में वास्तविक औसत बिजली खरीद लागत 3.87 रुपये प्रति यूनिट रही, जबकि स्वीकृत लागत 3.64 रुपये प्रति यूनिट थी। इसी अंतर के कारण जुलाई के लिए 3.77 प्रतिशत सरचार्ज लागू किया गया है।
बिजली मांग और उत्पादन पर दबाव
शैलेंद्र सक्सेना ने जानकारी दी कि प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। सामान्य से कम बारिश के कारण जलविद्युत उत्पादन प्रभावित होने से बिजली व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है।

