बुलंद सोच, भोपाल।
मध्य प्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न भारतीय रिजर्व बैंक की केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
भारत सरकार ने इस परियोजना के लिए भोपाल और इंदौर का चयन किया है। दिसंबर तक दोनों शहरों की सभी उचित मूल्य दुकानों पर यह व्यवस्था लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों की मासिक खाद्यान्न पात्रता के अनुरूप डिजिटल टोकन सीधे उनके डिजिटल वॉलेट में भेजे जाएंगे।
राशन लेने के लिए हितग्राही को केवल पीएनबी डिजिटल रुपये मोबाइल ऐप से उचित मूल्य दुकान पर उपलब्ध क्यूआर कोड स्कैन करना होगा। टोकन सत्यापित होते ही गेहूं, चावल सहित पात्रता के अनुरूप खाद्यान्न उपलब्ध करा दिया जाएगा।
सब्सिडी के दुरुपयोग पर रोक
डिजिटल रुपये का उपयोग केवल राशन प्राप्त करने के लिए ही किया जा सकेगा। इससे सब्सिडी के दुरुपयोग और पीडीएस में होने वाली गड़बड़ियों पर प्रभावी रोक लगेगी।
योजना लागू करने से पहले लाभार्थियों के आधार और राशन कार्ड का मिलान, मोबाइल नंबर का सत्यापन तथा ई-केवाईसी की जाएगी।
इसके बाद हितग्राहियों को पीएनबी डिजिटल रुपये ऐप पर ऑनबोर्ड किया जाएगा। वहीं, सभी उचित मूल्य दुकानों को क्यूआर आधारित सीबीडीसी भुगतान प्रणाली से जोड़ने के साथ विक्रेताओं को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
एनालॉग पनीर पर विचार
मध्य प्रदेश का खाद्य विभाग महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ द्वारा एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने के फैसलों का परीक्षण कराएगा।

