बुलंद सोच, मुरैना।
मुरैना आबकारी विभाग लगातार चर्चाओं में बना रहता है।
पूर्व में ठेकों पर एक्सपायर शराब आधे दाम पर बिकने और गोदाम से ठेकों पर एक्सपायर शराब भेजने के मामले में जिला आबकारी अधिकारी निलंबित हो चुके हैं।
ताजा मामला कुछ ऑडियो और वीडियो के वायरल होने का है, जिनमें शराब ठेकेदार की बातचीत आबकारी अधिकारी पारस गौतम व सहायक आबकारी अधिकारी निधि गुप्ता से हो रही है और इसमें लेनदेन की बात की जा रही है।
नईदुनिया इन ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन इन्हें मुरैना शहर के इस्लामपुरा और नैनागढ़ रोड पर शराब दुकान चलाने वाले ठेकेदार रामवीर गुर्जर और सहायक आबकारी अधिकारी निधि गुप्ता के बीच हुई बातचीत का बताया जा रहा है।
मामला तूल पकड़ने के बाद आबकारी अधिकारी पारस गौतम ने पूरे प्रकरण से पल्ला झाड़ती दिखीं और सवालों पर कहा कि वह इस संबंध में कोई बात नहीं करना चाहतीं क्योंकि वह अभी किसी मीटिंग में हैं।
सहायक आबकारी अधिकारी निधि गुप्ता ने फोन ही रिसीव नहीं किया।
वायरल ऑडियो में हुई बातचीत
पहले ऑडियो में, जो ठेकेदार रामवीर गुर्जर व सहायक आबकारी अधिकारी निधि गुप्ता का बताया जा रहा है, दो शराब दुकान का महीना तय करने को लेकर बातचीत हो रही है।
इसमें सहायक आबकारी अधिकारी हर दुकान का ₹25,000 मांग रही हैं, जिस पर ठेकेदार इसे बहुत ज्यादा बताते हुए दुकानों के घाटे में चलने की बात करता है।
इसके बाद ठेकेदार दोनों दुकानों के ₹20,000 देने की कहता है, जिस पर सहायक आबकारी अधिकारी कहती हैं कि उनके साथ पांच लोगों का स्टाफ है, ऐसे में क्या होगा।
बाद में ठेकेदार दोनों दुकानों के ₹25,000 देने की कहता है, तो सहायक आबकारी अधिकारी पूछती हैं कि जैन साहब को क्या देते थे, जिस पर ठेकेदार ₹10,000-₹10,000 रुपये बताता है।
बातचीत में बस स्टैंड वाली दुकान का जिक्र होता है और सिद्धनगर में अवैध शराब पर बात होती है, जिसमें ठेकेदार कह रहा है कि मंत्री के साथ घूमने वाला बच्चू सिंह है, वह करवा रहा है, अभी मीडियाबाजी कर दूंगा तो वह भागता फिरेगा।
इन बातचीत के बाद सहायक आबकारी अधिकारी कहती हैं कि दो महीने हो गए, दोनों दुकानों के ₹60,000 भिजवाओ।
दूसरा ऑडियो ठेकेदार रामवीर गुर्जर व आबकारी अधिकारी पारस जैन/गौतम के बीच हुई बातचीत का बताया जा रहा है, जिसमें ठेकेदार कहता है कि पर्याप्त माल नहीं आ रहा है और दुकानें कैसे चलेंगी।
ठेकेदार यह भी कहता है कि कंप्यूटर में माल की एंट्री नहीं हो रही है और पता ही नहीं लग रहा कि उनकी डिमांड क्या लगी है।
इस पर आबकारी अधिकारी कहती हैं कि तुम्हारा सहायक आबकारी अधिकारी से कोई इश्यू है, जिस पर ठेकेदार कहता है कि आप उन्हें समझाएं, अभी तक कोई लेनदेन नहीं हुआ है।
आबकारी अधिकारी कहती हैं कि हां यही लग रहा है, जिस पर ठेकेदार कहता है कि आपको समझाना पड़ेगा, लेनदेन तो सब हो जाएगा।
इस पर आबकारी अधिकारी पारस गौतम कहती हैं कि चलिए, बात करते हैं।
तीसरा ऑडियो ठेकेदार और सहायक आबकारी अधिकारी निधि गुप्ता के बीच का बताया जा रहा है, इसमें भी दुकानों पर माल नहीं आने की बात हो रही है।
ठेकेदार कहता है कि नीरज त्रिवेदी माल नहीं दे रहे हैं और पांच दिन से डिमांड लगी है।
सहायक आबकारी अधिकारी पूछती है कि तुमसे क्या नाराजगी है यह बताओ, जिस पर ठेकेदार पहले कहता है पता नहीं, फिर कहता है कि उनकी दोनों दुकान के ₹5,000-₹5,000 पर हुई थी।
ठेकेदार आगे कहता है कि माल आएगा तो यह पैसा पहुंच ही जाएगा और अभी तक पहुंचाते रहे हैं।
सहायक आबकारी अधिकारी निधि गुप्ता कहती हैं, ठीक है, बात करती हूं।

