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2026-07-29

नरवर किले से 400 साल पुरानी तोप चोरी, पानी विवाद में डराने के लिए की गई वारदात

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, शिवपुरी।

मध्य प्रदेश के नरवर किले से सिंधिया रियासत कालीन 400 साल पुरानी तोप राजस्थान के करौली जिले के गांव गांवड़ा के मीणा समाज के लोगों ने पड़ोसी गांव के गुर्जर समाज के लोगों को डराने के लिए चुराई थी। दरअसल, दोनों पक्षों में वहां के बांध के पानी को लेकर लंबे समय से तनाव चला आ रहा है। मीणा पक्ष को इस बरसात में फिर पानी छोड़े जाने के दौरान विवाद की आशंका थी, इसलिए उन्होंने गुर्जर पक्ष को यह धमकी देने के लिए कि वे बांध को तोप से उड़ा देंगे, इस बड़ी घटना को अंजाम दिया।

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शिवपुरी पुलिस ने घटना में शामिल रहे दो आरोपितों को करौली से गिरफ्तार करने के बाद यह खुलासा किया है। गिरफ्तार आरोपितों में करौली जिले के सदर हिंडौन थाना क्षेत्र स्थित पालनपुर गांव निवासी अमन कुमार मीणा और गांवड़ा गांव निवासी टिम्मू राम मीणा शामिल हैं।

दोनों आरोपितों ने पुलिस को बताया कि पूरे गांव ने मिलकर तोप चुराने की योजना बनाई थी। तोप चुराने का फैसला भी पंचायत में संयुक्त रूप से लिया गया था।

नरवर थाना प्रभारी विनय यादव के अनुसार, आरोपितों ने बताया कि उन्होंने गूगल पर यह सर्च किया कि देश के किस-किस किले पर तोपें रखी हैं। कई किलों को देखने के बाद, नरवर किले की 14 तोपों में से सबसे छोटी पांच फीट दो इंच की यह तोप चोरी करने का निर्णय आम सहमति से लिया गया, क्योंकि यह तोप चलने लायक अवस्था में दिख रही थी और इसे ले जाना अन्य तोपों के मुकाबले आसान था।

पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने तोप ले जाने का रूट तय किया और इसके लिए सबसे पहले तीन जुलाई को तीन वाहनों में 25 लोग नरवर किला पहुंचे। उन्होंने तोप को उसके स्थान से हटा भी दिया था, लेकिन लगभग साढ़े तीन टन वजन होने के कारण वे उसे उस दिन नहीं ले जा सके और लौट गए।

इसके बाद पूरी तैयारी के साथ आरोपित दोबारा 15-16 जुलाई की दरम्यानी रात नरवर किला पहुंचे। यहां उन्होंने तोप को किले से उतारने के बाद एक पिकअप पर लाद लिया और लंबा रूट तय करके करौली ले गए। वहां तोप को एक घर पर उतारकर रख लिया गया, ताकि उस पर किसी बाहरी व्यक्ति की नजर न पड़ सके।

पुलिस ने बताया कि जिस दिन किले की रेकी हुई और जिस रात चोरी हुई, उन दोनों दिनों 15 से 20 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की लोकेशन एक जैसी मिली। इसको आधार बनाकर शिवपुरी पुलिस राजस्थान के गांव गांवड़ा मीणा तक पहुंची।

इसके साथ ही पुलिस ने टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एक पिकअप बोलेरो आरजे-34 जीए 2980 का रूट मिला। इसी वाहन से तोप को ले जाया गया था।

पुलिस ने अमन कुमार मीणा और टिम्मू राम मीणा के कब्जे से पिकअप वाहन को बरामद किया। हालांकि, अभी तक पुलिस के हाथ तोप नहीं लगी है।

पुलिस अब चोरी में शामिल रहे और तोप छुपाने वाले अन्य आरोपितों पर भी कार्रवाई करेगी।

जिस पांचना डैम के पानी को लेकर मीणा और गुर्जर समाज के लोगों के बीच विवाद बताया जा रहा है, वह करौली और सवाई माधोपुर के 35 गांवों के 9,985 हेक्टेयर खेतों की सिंचाई के लिए बनाया गया था। बांध बनने से 39 गांवों की जमीन डूब क्षेत्र में आ गई थी। इस गांव में दो पक्ष आमने-सामने हैं और कुल 74 गांव इस विवाद में दो पक्षों में बंटे हैं।

बताया जाता है कि वर्ष 2005-06 में गुर्जर आंदोलन के दौरान एक तोप चलाई गई थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसी दहशत को दोहराने के लिए मीणा समाज के आरोपितों ने नरवर किले से तोप चुराई।

करैरा एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने बताया कि जो आरोपित पकड़े गए हैं, उन्होंने पूछताछ में बताया है कि और भी लोग थे जिनके पास तोप है। जिनके नाम बताए गए हैं उनके मोबाइल फिलहाल बंद हैं। आरोपितों की तलाश की जा रही है और उम्मीद है कि तोप जल्द मिल जाएगी।

नरवर किले से तोप 15-16 जुलाई की दरम्यानी रात चुराई गई थी। किले की कचहरी में रखीं 14 तोपों में से अब सिर्फ 13 तोपें बची हैं। यह सिंधिया राजवंश की 400 साल पुरानी और कचहरी की सबसे छोटी तोप थी। आजादी के बाद पूरे भारत में तोप चोरी की यह एकमात्र पहली वारदात बताई जा रही है।