बुलंद सोच, नई दिल्ली।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी बुधवार को संसद भवन पहुंचने पर मीडिया के सवालों से नाराज हो गईं। उन्होंने मीडिया से पूछा कि क्या वे चाहते हैं कि विपक्ष चुपचाप बैठा रहे। इस दौरान उनका निशाना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर था।
प्रियंका गांधी ने जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार से पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर जवाब मांगे।
मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि जब युवा अपने भविष्य के लिए आवाज उठाते हैं, तो उनके साथ होने वाले व्यवहार के लिए कौन जिम्मेदार है।
बुधवार को जब प्रियंका गांधी संसद भवन परिसर पहुंचीं, तो पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया और संसद में जारी गतिरोध पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए पूछा कि ‘आप क्या चाहते हैं?’ उन्होंने कहा कि जब हजारों छात्र इकट्ठा होते हैं और उनकी एक ही मांग होती है, तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग किया जाता है और पैलेट गन का इस्तेमाल होता है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में एके-47 चलाई जाती है, और सरकार से सवाल भी न करें, हम भी चुपचाप बैठे रहें, ‘जैसे आप लोग चुप हैं?’
प्रियंका गांधी ने लोकतांत्रिक जवाबदेही का मुद्दा उठाया और पूछा कि क्या गृह मंत्री खुद को जनता के प्रति जवाबदेह मानते हैं या नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष चुप नहीं रहेगा। विपक्ष प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल के इस्तेमाल के मुद्दे पर गृह मंत्री से संसद में जवाब देने और माफी मांगने की मांग कर रहा है।
इस मुद्दे के कारण संसद का मानसून सत्र बाधित रहा है। अब सरकार इस मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है और गृह मंत्री संसद में इस पर जवाब देंगे।
वहीं, एनडीए सांसदों ने झारखंड में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया है।

