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2026-08-14

गृह मंत्री अमित शाह कल दोपहर तीन बजे सभी सवालों का देंगे जवाब

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच।

संसद के मानसून सत्र का आज 18वां दिन है। विपक्ष कई दिनों से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में पुलिस की कथित ज्यादती और अन्य मुद्दों पर जवाब की मांग कर रहा है। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री ने गुरुवार को कहा कि वह कल दोपहर तीन बजे तक सभी सवालों का जवाब देंगे। गृह मंत्री अमित शाह ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी लोग अपने सवाल लिखकर दें, वह कल तीन बजे सभी सवालों का जवाब देंगे।

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गृह मंत्री अमित शाह का बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘लापता’ और ‘भाग गए’ जैसे शब्द अब भारत के सार्वजनिक और संसदीय जीवन में लगातार सुनने को मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह सत्र शुरू होने के बाद से लगातार संसद आ रहे हैं और अपने कक्ष में बैठते हैं। गृह मंत्री ने बताया कि विपक्ष दोनों सदनों में संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है, ऐसे में कोई क्या कर सकता है। चर्चा को लेकर शाह ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ कर दिया है कि सरकार नीट परीक्षाओं के विरोध को लेकर पूरी चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चर्चा के लिए समय तय करने और विपक्ष के तैयार रहने की बात कही थी, जो उनकी शुरुआती मांग थी और सरकार ने इसे मान लिया था। शाह ने कहा कि उन्होंने भी कहा है कि वह संसद में किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष चर्चा ही नहीं होने देना चाहता। उन्होंने कहा कि अब जनता तय करे कि भाग कौन रहा है।

सरकार की चर्चा के लिए तैयारी

शाह ने विपक्ष से कहा कि वह आज दोपहर तीन बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र दे। उन्होंने कहा कि सरकार आज दोपहर तीन बजे से कल दोपहर तीन बजे तक हर पहलू पर चर्चा के लिए तैयार है। शाह ने यह भी कहा कि वह सदन में बैठेंगे, सभी की बात सुनेंगे और हर मुद्दे का जवाब देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। गृह मंत्री ने कहा कि वह इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि विपक्ष चर्चा क्यों नहीं होने देना चाहता था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को सिर्फ संसद की कार्यवाही चलने देनी चाहिए।

लोकसभा अध्यक्ष को गृह मंत्री का पत्र

गृह मंत्री शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा कि आपको विदित है कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने व्यापार सलाहकार समिति की बैठक में सरकार की ओर से संसद में नीट परीक्षा पर छात्र आंदोलन पर चर्चा के लिए सहमति दी है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि विपक्ष के आग्रह से पहले ही संसद के वर्तमान सत्र में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हो चुकी है, जिसमें विपक्ष के किसी भी सांसद ने नीट परीक्षा के संबंध में सदन में कोई भी विचार व्यक्त नहीं किया। इसके बावजूद, सरकार फिर से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने अपने पत्र में अनुरोध किया कि लोकसभा अध्यक्ष विपक्ष से चर्चा कर आपसी सहमति से आज से जितने समय, जितने घंटे उचित समझें, उतना समय आवंटित करने की कृपा करें। गृह मंत्री ने लिखा कि वह निर्धारित समय के दौरान सदन में उपस्थित रहकर, इस मुद्दे पर चर्चा में भाग लेना चाहते हैं और विपक्ष के सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आगे लिखा कि लोकतंत्र में चर्चा और संवाद से ही समाधान निकलता है। उनका लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाओं में अटूट विश्वास है और उनका यह मानना है कि यह सदन चर्चा और संवाद के लिए ही है। इसलिए उन्होंने आग्रह किया कि विपक्ष के नेताओं से चर्चा करके इस अहम विषय पर एक अच्छे माहौल में चर्चा कराने की कृपा करें, ताकि इस विषय पर पक्ष विपक्ष के सभी सदस्य अपने बहुमूल्य मत एवं विचार प्रस्तुत कर सकें।

राहुल गांधी का पलटवार

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने साफ कहा है कि उन्हें अमित शाह का भाषण सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘हम’ से उनका मतलब इस देश की युवा पीढ़ी से है। उन्होंने सवाल किया, “छात्रों पर गोली किसने चलाई? छात्रों को कीलों वाली लाठियों से पीटने का आदेश किसने दिया? क्या अमित शाह ने हमारे बच्चों पर गोली चलाने का आदेश दिया था?” उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा आदेश दिया था, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 20 दिनों से अमित शाह ‘लापता’ हैं। उन्होंने कहा कि भारत के गृह मंत्री में हिम्मत नहीं है और वह सदन में नहीं आ सकते।

भाजपा सांसद संजय जायसवाल का बयान

वहीं, भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस सत्ता में है, वहां भ्रष्टाचार आम बात बन गया है, चाहे वह तेलंगाना हो, कर्नाटक हो या झारखंड। तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने कहा कि कितनी सीटें होंगी और परिसीमन किस तरह किया जाएगा, यह फैसला संसद को करना है।