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2026-07-24

10 वर्ष से अधिक अनुभव वाले संविदाकर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जारी: राज्यमंत्री कृष्णा गौर

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

संविदा नीति के तहत संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर संविलियन की प्रक्रिया जारी है। 10 वर्ष से अधिक का अनुभव रखने वाले संविदा कर्मी इसके लिए पात्र माने गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 जनवरी 2026 को इसकी घोषणा की थी।
कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे ने मंगलवार को विधानसभा में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री की घोषणा का हवाला देते हुए कहा कि अब तक नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, जिससे कई संविदाकर्मी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने विधानसभा में बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप नियमित पदों पर संविलियन की प्रक्रिया जारी है और इस दिशा में आगे और काम किया जाएगा।
राज्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि संविदा कर्मियों के लिए पद सुरक्षित करने का प्रविधान है।
संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह ग्रेच्युटी, अंशदायी पेंशन योजना, स्वास्थ्य बीमा और अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने की व्यवस्था है।
महिला संविदा कर्मचारी महिला शासकीय सेवकों के समान प्रसूति अवकाश की पात्र हैं।
हालांकि, संविदा कर्मियों को चाइल्ड केयर लीव की सुविधा नहीं है, क्योंकि यह नियम नियमित कर्मचारियों पर ही लागू होते हैं और संविदा नीति में भी इसका कोई प्रविधान नहीं है।
प्रतिनियुक्ति पर संविदा कर्मचारियों को भेजे जाने का कोई प्रविधान नहीं है।

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सीधी में औद्योगिक इकाइयों की स्थिति

सीधी से विधायक रीति पाठक ने भूमि आवंटन के बावजूद उद्योगों द्वारा इकाइयां स्थापित न किए जाने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में जिले में औद्योगिक इकाई स्थापित करने की योजना पर सवाल किया, जिसके जवाब में बताया गया कि कुल आठ इकाइयों ने निवेश के प्रस्ताव दिए थे।
इनमें से तीन इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जबकि एक का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। चार इकाइयों ने स्थापना में रुचि नहीं दिखाई है।

मुरैना में अपहरण मामले की जांच

मुरैना जिले के जौरा से विधायक पंकज उपाध्याय ने अपहरण से जुड़े एक मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठाए।
उन्होंने बताया कि ढाई वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है और आरोपित अभी भी फरार हैं।
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने जानकारी दी कि आरोपित मुलायम सिंह सिकरवार सहित अन्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया जा चुका है और चालान भी प्रस्तुत कर दिया गया है।
राज्यमंत्री ने यह भी बताया कि एसआईटी का गठन हो चुका है, लेकिन लिखित जवाब में कहा गया था कि एसआईटी गठन का कोई प्रस्ताव नहीं है।
इस पर विधायक ने कहा कि एसआईटी का गठन प्रश्न लगने के बाद किया गया है।