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मुख्यमंत्री मोहन यादव संस्कार कांवड़ यात्रा में होंगे शामिल; जबलपुर के स्कूलों में अवकाश, यातायात मार्ग परिवर्तित

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, जबलपुर।

सोमवार को जबलपुर में मां नर्मदा के गौरीघाट से कैलाशधाम तक 33 किलोमीटर लंबी संस्कार कांवड़ यात्रा भक्ति, उल्लास और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए निकली। यह यात्रा अपने 16वें वर्ष में है। सुबह छह बजे नर्मदा जल लेकर हजारों कांवड़िये भगवान शिव के धाम की ओर बढ़े, जिससे पूरा शहर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा।

मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी

दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव जबलपुर पहुंचेंगे। वे रांझी व्हीकल मोड़ से कांवड़ियों के साथ शामिल होकर दर्शन चौक तक पैदल चलेंगे। सुबह साढ़े 10 बजे मंत्री प्रहलाद पटेल आयोजकों के साथ यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के आगमन के साथ लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मिक सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के यात्रा में शामिल होने की उम्मीद है।

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यात्रा का उद्देश्य और स्वरूप

यह यात्रा समर्थ सद्गुरु भैया जी सरकार और रामू दादा सहित अन्य संतों के सान्निध्य में निकली, जिसमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी उत्साह से सहभागी बने। यह कांवड़ यात्रा केवल शिवभक्ति का कारवां नहीं है, बल्कि संस्कारधानी की उस जीवंत परंपरा का उत्सव है, जिसमें आस्था के साथ प्रकृति, भक्ति के साथ सेवा और संकल्प के साथ समाज चलता है। नर्मदा जल से भरी कांवड़ों के साथ जब पौधे कैलाशधाम की पहाड़ियों की ओर बढ़े, तो हरियाली का एक नया संकल्प भी अंकित हुआ। संस्कार कांवड़ यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता केवल नर्मदा जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना नहीं, बल्कि प्रकृति को भी नमन करना है। कोविड काल के दौरान दो वर्षों तक यह यात्रा नहीं निकल सकी थी। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड तक भी पहुंचा सकती है।

यात्रा मार्ग और जलाभिषेक

गौरीघाट से शुरू हुई यह यात्रा रेत नाका, रामपुर चौक, शंकराचार्य चौक, शास्त्री ब्रिज, तीन पत्ती, यातायात चौक, सुपर मार्केट, लार्डगंज, बड़ा फुहारा, सराफा बाजार, बेलबाग, घमापुर, कांचघर, गोकलपुर और रांझी होते हुए खमरिया स्थित कैलाशधाम पहुंचेगी। दोपहर करीब चार बजे कैलाशधाम में भगवान शिव का नर्मदा जल से जलाभिषेक किया जाएगा।

शहर में स्वागत और सुरक्षा व्यवस्था

कांवड़ियों के स्वागत के लिए शहरभर में जगह-जगह पंडाल लगाए गए। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद और अन्य व्यवस्थाएं कीं। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के लिए दो दर्जन से अधिक थानों की पुलिस तैनात रही। पुलिस और प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए।

स्कूलों में अवकाश और यातायात परिवर्तन

यात्रा में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए कलेक्टर ने जबलपुर शहर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया। जिला शिक्षा अधिकारी को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यात्रा के दौरान शहर के कई मार्गों पर यातायात परिवर्तित किया गया।

ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण

ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तेज आवाज वाले डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया। किसी झांकी, मंच या वाहन पर दो से अधिक साउंड बॉक्स की अनुमति नहीं दी गई। स्पीकर का आकार 12 इंच से अधिक नहीं रखने और ध्वनि की अधिकतम सीमा 50 डेसिबल निर्धारित की गई। हॉर्न स्पीकर पूरी तरह प्रतिबंधित रहे और विवादित अथवा भावनाएं आहत करने वाले गीतों के प्रसारण पर भी रोक रही।

मौसम का हाल

जबलपुर समेत संभाग के जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।