बुलंद सोच, सतना।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के उंचेहरा क्षेत्र अंतर्गत उरदना गांव में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। कुएं में गिरी टीन की चादर निकालने उतरे एक युवक की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई।
उसे बचाने के लिए कुएं में उतरा एक आदिवासी युवक भी जहरीली गैस के असर से बेहोश हो गया, जिसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार, उरदना गांव निवासी नीरू सिंह कुएं में गिरी टीन की चादर बाहर निकालने के लिए नीचे उतरे थे। माना जा रहा है कि कुएं के भीतर लंबे समय से जमा जहरीली गैस की वजह से उनका दम घुट गया और वे नीचे ही अचेत हो गए।
काफी देर तक जब कुएं से कोई हलचल नहीं हुई, तो मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। नीरू सिंह को अचेत देखकर पास में ही काम कर रहा उरदनी गांव का आदिवासी युवक राजा कोल उसे बचाने के लिए कुएं में उतर गया।
हालांकि, नीचे पहुंचते ही जहरीली गैस के असर से राजा कोल भी बेहोश होने लगा। ऊपर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत पाइप के जरिए नीचे ऑक्सीजन पहुंचाने की कोशिश की। बेहोशी की हालत में भी राजा कोल ने अपनी कमर में कपड़ा बांधा, जिसके सहारे ग्रामीणों ने रस्सी से खींचकर उसे सही समय पर बाहर निकाल लिया।
राजा कोल को बेहद गंभीर हालत में तुरंत उंचेहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया।
दूसरी ओर, नीरू सिंह को बाहर निकालने के प्रयास जारी रहे। शुरुआती जांच के अनुसार, उनकी मौत जहरीली गैस से दम घुटने के कारण होने की आशंका है। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर जांच में जुटी हुई है, और मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।

