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2026-07-25

सुरेंद्रनगर: सात पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने का आदेश, एसआईटी क्लोजर रिपोर्ट खारिज

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, सुरेंद्रनगर।

गुजरात के सुरेंद्रनगर की एक अदालत ने वांछित अपराधी हनीफ खान मलिक और उसके नाबालिग बेटे की पुलिस कार्रवाई में हुई मौत के मामले में एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर दी है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) केपी शर्मा की अदालत ने 18 जुलाई को सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या व आपराधिक साजिश का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।

अदालत ने सभी पुलिसकर्मियों को समन जारी कर 8 अगस्त को अदालत में उपस्थित होने को कहा है।

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पूरा मामला

पुलिस टीम ने 6 नवंबर 2021 को दसादा तालुका के गेडिया गांव में हनीफ खान और उसके नाबालिग बेटे को गोली मार दी थी।

पुलिस ने दावा किया था कि गिरफ्तारी के दौरान भीड़ ने हमला किया था और आत्मरक्षा में उसे गोली चलानी पड़ी।

हनीफ खान की पत्नी सोहनाबेन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें उनके पति और नाबालिग बेटे की मौत हो गई।

एसआईटी जांच और रिपोर्ट

मई 2025 में अदालत के आदेश पर सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई और मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई।

एसआईटी ने दो महीने बाद अदालत में सी-समरी रिपोर्ट दाखिल की।

ऐसी रिपोर्ट तब दी जाती है, जब जांच एजेंसी यह निष्कर्ष निकाले कि मामला न पूरी तरह सही है और न ही पूरी तरह गलत।

सोहनाबेन ने इस रिपोर्ट को चुनौती देते हुए कहा कि यह आरोपी पुलिसकर्मियों को बचाने की कोशिश है।

फोरेंसिक साक्ष्य और अदालत का निर्णय

याचिकाकर्ता के वकील पुनीत दवे ने बताया कि अदालत के सामने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फोरेंसिक (एफएसएल) रिपोर्ट पेश की गई।

अदालत ने इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर तत्कालीन पुलिस सब-इंस्पेक्टर वीएन जडेजा समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और धारा 114 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज करने का आदेश दिया।

वकील ने कहा कि गवाहों के बयान और एफएसएल रिपोर्ट से पुलिस के आत्मरक्षा में गोली चलाने के दावे का कोई स्पष्ट समर्थन नहीं मिलता।